प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के दुमका में रविवार को चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश की संसद ने नागरिकता कानून से जुड़ा एक महत्त्वपूर्ण बदलाव किया है. पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से जो वहां कम संख्या में थे और अलग धर्म का पालन करते थे, इसलिए उनपर जुल्म हुए. इस तीन देशों से हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों को वहां से अपना गांव, घर, परिवार सबकुछ छोड़कर भारत में शरणार्थी की जिंदगी जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. गरीबों को सम्मान और उनके जीवन को सुधारने के लिए नागरिकता कानून का फैसला किया. संसद के दोनों सदनों में भारी बहुमत से नागरिकता बिल का पास होना हजार प्रतिशत सही और सच्चा निर्णय है.
कांग्रेस पर निशाना
इस कानून पर विरोध को देखते हुए ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि और उसके साथी तूफान खड़ा कर रहे हैं, उनकी बात चलती नहीं है तो आगजनी फैला रहे हैं. ये जो आग लगा रहे हैं, ये कौन है उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है. देश का भला करने की, देश के लोगों का भला करने की इन लोगों से उम्मीद नहीं बची है. ये सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचते हैं.
नॉर्थ-ईस्ट की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा, मैं असम के भाइयों-बहनों का सर झुकाकर अभिनंदन करता हूं कि इन्होंने करने वालों को अपने से अलग कर दिया है. शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात बता रहे हैं. देश का मान-सम्मान बढ़े ऐसा व्यवहार असम, नार्थ ईस्ट कर रहा है. कल्पना कीजिए, अगर बाबा तिलका मांझी सिर्फ अपना हित ही सोचते तो क्या समाज के लिए इतना कुछ कर पाते? अगर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, सिर्फ अपना लाभ ही देखते तो क्या अंग्रेजों का मुकाबला कर पाते.
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, ये तमाम सेनानी, ये तमाम शहीद, परिवार हित से ऊपर उठकर, समाज के हित में, राष्ट्र के हित में खड़े हुए. भाजपा ऐसे ही संस्कारों को धारण करती है, उनको सम्मान देती है.
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