हरियाणा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद अपने नाम के आगे पंडित जोड़कर ब्राह्मण कार्ड खेला है. उन्होंने चुनाव प्रचार में अजीबोगरीब फंडा अपना रहे हैं. पंडित नवीन जयहिंद अपनी पीठ पर म्यान में तलवार की तरह फरसा बांधकर चुनावी प्रचार कर रहे हैं. इसके लिए चुनाव आयोग के बकायदा निशाने पर भी आ गए हैं.
हरियाणा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 48 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं. ऐसे में नवीन जयहिंद आप उम्मीदवारों के प्रचार में जहां भी जा रहे हैं वहां वो अपनी पीठ पर फरसा बांधे हुए नजर आते हैं. नवीन जयहिंद के चुनाव प्रचार के तरीकों को हरियाणा ब्राह्मण समुदाय के वोटों को एकजुट करने के मद्देनजर देखा जा रहा है.
इसलिए खेला ब्राह्मण कार्ड
बता दें कि हरियाणा में करीब 12 फीसदी वोट ब्राह्मण समुदाय के हैं. ये प्रदेश की करीब एक दर्जन विधानसभा सीट पर अच्छा खासा असर रखते हैं. हालांकि हरियाणा की सियासत में ब्राह्मण कभी भी जाट और पंजाबी समुदाय से आगे नहीं निकल पाए हैं. यही वजह है कि नवीन जयहिंद ने खुद को ब्राह्मण चेहरे के तौर पर पेश करने के लिए अपने नाम के आगे पंडित लगाया और फरसा लेकर भगवान परशुराम के वंशज होने का भी कार्ड खेल रहे हैं.
में ही नहीं बल्कि चंडीगढ़ स्थित प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते समय भी इसी रूप में नजर आए. इस दौरान जयहिंद ने कहा था कि भाजपा ने पिछले पांच साल में घोषणा पत्र में किए गए एक भी वादे को पूरा नहीं किया. आज सत्तारूढ़ पार्टी घोषणापत्र को छुपा रही है, क्योंकि घोषणा पत्र के आधार पर कोई काम नहीं किया गया है। मौजूदा सरकार ने केवल प्रदेश की जनता को गुमराह करने का काम किया है.
दिल्ली के काम पर हरियाणा में वोट
हरियाणा आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल का गृहराज्य है, लेकिन पार्टी प्रदेश में अभी तक खाता भी नहीं खोल पाई है. इस बार के विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए दिल्ली के काम के नाम पर वोट मांग रही है.
नवीन जयहिंद कहते हैं कि को मुफ्त में मिल रहा है. विश्व के सबसे बेहतरीन स्कूल दिल्ली में हैं. मोहल्ला क्लीनिक प्रोजेक्ट पर विदेशी रिसर्च करने पहुंच रहे हैं. शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता व नौकरी दी जा रही है. यही सब व्यवस्था हरियाणा में भी लागू की जाएगी.
कुबूल अहमद