गुजरात में पादरी की चिट्ठी वायरल, 'राष्ट्रवादी' ताकतों को हराने की अपील

चिट्ठी में प्रधान पादरी थॉमस मैक्वैन ने लिखा है, "गुजरात विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है. इस चुनाव के परिणाम देश के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसकी प्रतिक्रिया और प्रतिध्वनि हमारे प्यारे देश पर पड़ेगी. यह हमारे देश के भविष्य पर भी असर डालेगा."

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गांधी नगर के प्रधान पादरी की चिट्ठी गांधी नगर के प्रधान पादरी की चिट्ठी

कौशलेन्द्र बिक्रम सिंह / गोपी घांघर

  • गांधी नगर,
  • 23 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:20 PM IST

गुजरात के गांधी नगर के प्रधान पादरी की एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल है. 21 नवंबर को लिखी गई चिट्ठी में प्रधान पादरी थॉमस मैक्वेन ने अपने समुदाय के लोगों से चुनावों में मानवीय मूल्यों वाले नेताओं के जीतने के लिए प्रार्थना करने की अपील की है. हालांकि पहली नजर में चिट्ठी पढ़ने के बाद यह साफ नजर आता है कि पादरी की मंशा बीजेपी पर निशाना साधने की थी.

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चिट्ठी में प्रधान पादरी थॉमस मैक्वैन ने लिखा है, "गुजरात विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है. इस चुनाव के परिणाम देश के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसकी प्रतिक्रिया और प्रतिध्वनि हमारे प्यारे देश पर पड़ेगी. यह हमारे देश के भविष्य पर भी असर डालेगा. हमें मालूम है कि हमारे देश की धर्मनिपेक्षता और लोकतंत्र इस समय दांव पर है. मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है.

संवैधानिक अधिकारों को कुचल दिया जा रहा है. ऐसा एक दिन भी नहीं जाता जब हमारे चर्चों, चर्च के लोगों या अन्य संस्थानों पर हमला ना हो. ओबीसी, पिछड़ों, गरीबों और अल्पसंख्यक के बीच असुरक्षा का भाव बढ़ता जा रहा है. देश भर में राष्ट्रवादी ताकतें चरम पर हैं. के परिणाम एक परिवर्तन ला सकते हैं."

पत्र में 'मानवीय' उम्मीदवारों के चयन के लिए दैवीय हस्तक्षेप के लिए गुजरात में चर्चों से प्रार्थना कराने का आग्रह किया गया है. चिट्ठी में आगे लिखा है, "गुजरात राज्य के बिशप्स ने आप से अनुरोध किया है कि आप अपने परिसरों और घरों में ऐसी प्रार्थनाएं करें ताकि गुजरात विधानसभा चुनाव में वो लोग जीतें जो हमारे रहे और किसी भी भेदभाव के बिना हर इंसान का सम्मान करें."

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इस पत्र में इतिहास से कुछ उदाहरणों का हवाला भी दिया गया है जिसके अनुसार 1571 में लेपेंटो की लड़ाई में यूरोप को बचाने में और तमाम देशों कम्युनिस्ट सरकारों और तानाशाहों की सत्ता पलटने में हमारी आस्था और मदर मैरी ने बहुत मदद की थी. पत्र में आगे कहा गया है, "यह हमारे देश को से भी बचाएगा!"

उन्होंने आगे लिखा है, "प्रभु यीशु ने सूली पर चढ़ाए जाने के वक्त भी प्रार्थना करते समय अपने शिष्य से प्रार्थना करने को कहा था. तो आइए हम उनकी सलाह को गंभीरता से लेते हैं. आइए हम अपने प्रभु यीशु पर भरोसा करें और उनकी मदद मांगें!"

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