'अली को मानने वाले पाकिस्तान चले जाएं, सपा के आतंकियों से संबंध'

लोनी से बीजेपी विधायक और उम्मीदवार नंदकिशोर गुर्जर एक बार फिर विवादों में आ गए हैं. उन्होंने कहा कि अली का नाम लेने वालों को पाकिस्तान चला जाना चाहिए. बीजेपी लोनी उम्मीदवार ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से संबंध हैं.

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अमित भारद्वाज

  • गाजियाबाद,
  • 29 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 8:52 AM IST
  • गुर्जर ने 2017 का विधानसभा चुनाव 40000 से अधिक मतों के अंतर से जीता था
  • लोनी में 5 लाख से अधिक मतदाता हैं
  • 1.5 लाख से अधिक मुस्लिम समुदाय के हैं

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के पहले चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मतदान होगा. चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है और इसका असर प्रत्याशियों के बॉडी लैंग्वेज में दिखने लगा है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोनी विधायक और उम्मीदवार नंदकिशोर गुर्जर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. लोनी के बहेता हाजीपुर गांव में चुनावी अभियान के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग अली का नाम लेते हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए. इस दौरान उन्होंने चौंकाने वाला दावा किया कि समाजवादी पार्टी के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के साथ संबंध हैं. 

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लोनी गांव के मतदाताओं को संबोधित करते हुए गुर्जर ने कहा, "अली का नाम लेने वालों को लोनी छोड़ना होगा... इस चुनाव के बाद लोनी में पूर्ण रामराज्य होगा." उन्होंने आगे दावा किया कि समाजवादी पार्टी एक "पाकिस्तानी पार्टी" है. जब उनके इस बयान के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे अपने बयान का कोई पछतावा नहीं है. 

गुर्जर ने कहा कि अली को मानने वालों के लिए एक अलग देश बनाया गया था. इस आधार पर भारत दो देशों में विभाजित हो गया. अली का नाम लेने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए... भारत माता और भगवान राम को मानने वालों को ही भारत में रहना चाहिए.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस तरह के बयान देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के नारे की अवहेलना नहीं कर रहे हैं, गुर्जर ने कहा कि वह पीएम मोदी द्वारा दिए गए नारे में विश्वास करते हैं. उन्होंने कहा कि जिन्ना में विश्वास करने वालों ने देश को विभाजित किया और आतंकवादियों (आतंकवादी आरोपियों) को रिहा करने वाली पार्टी के लिए यहां कोई जगह नहीं है.

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उन्होंने आगे दावा किया कि समाजवादी पार्टी के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन से संबंध हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या उनके दावों में दम है? केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने जांच क्यों नहीं की? उन्होंने जवाब दिया, "मैं प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर जांच कराने का आग्रह करूंगा.

बता दें कि गुर्जर को हाल ही में चुनाव आयोग ने उनके बयान "ना अली, ना बाहुबली, लोनी में सिरफ बजरंगबली" के लिए नोटिस दिया था. लोनी गाजियाबाद के पांच विधानसभा क्षेत्रों का हिस्सा है. गुर्जर ने 2017 का विधानसभा चुनाव 40000 से अधिक मतों के अंतर से जीता था. हालांकि 2022 में उन्हें समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के संयुक्त उम्मीदवार मदन भैया से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

लोनी में 5 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें से 1.5 लाख से अधिक मुस्लिम समुदाय के हैं. इस बार गुर्जर सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहे हैं. इसके साथ ही जाट समुदाय से आने वाले भाजपा के बागी और लोनी नगरपालिका अध्यक्ष रजनीता धामा ने नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ चुनावी और व्यक्तिगत लड़ाई की बात कही है. अब जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आता जा रहा है, गुर्जर जो चुनावी मैदान में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं.

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