तेजस्वी-चिराग पर बोलीं पुष्पम प्रिया-बकैती करने से नहीं बदलेगा बिहार

प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने बिहार की राजनीति में परिवारवाद को खत्म करने की बात कही है. दरभंगा में एक बूथ पर शनिवार को वोट डालने के बाद पुष्पम प्रिया ने कहा कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और एलजेपी के प्रमुख चिराग पासवान को अपना राजनीतिक करियर जमीनी स्तर से शुरू करना चाहिए. सिर्फ बकैती करने से बिहार नहीं बदलेगा.

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प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी

कुमार अभिषेक

  • दरभंगा,
  • 07 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:57 AM IST
  • राजनीतिक करियर जमीनी स्तर से शुरू करें
  • परिवारवाद को खत्म करने की जरूरत- पुष्पम प्रिया
  • केवल भाषण देने से राज्य तो नहीं चलेगा

बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार उतरीं प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने यहां की राजनीति में परिवारवाद को खत्म करने की बात कही है. दरभंगा में एक बूथ पर शनिवार को वोट डालने के बाद पुष्पम प्रिया ने कहा कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और एलजेपी के प्रमुख चिराग पासवान को अपना राजनीतिक करियर जमीनी स्तर से शुरू करना चाहिए. सिर्फ बकैती करने से बिहार नहीं बदलेगा. 

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पुष्पम प्रिया ने 'आजतक' से बातचीत में दावा किया कि उनकी पार्टी को जीत मिल रही है. उन्होंने कहा कि बिहार को बदलना है. हर समुदाय से समर्थन मिल रहा है. तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के मुद्दे पर पुष्पम प्रिया ने कहा कि इनको सिर्फ इसलिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं होना चाहिए क्योंकि ये किसी खास परिवार में पैदा हुए. 

पुष्पम प्रिया ने कहा, 'राजनीति करने में कोई दिक्कत नहीं है. संघर्ष करें, पढ़ाई-लिखाई पूरी करें, सीखें कि कैसे नीतियां बनाएंगे. सिर्फ बकैती करने से तो राज्य नहीं चलेगा और भाषण देने से राज्य तो नहीं चलेगा. चुनाव के बाद नीतियां बनानी होंगी. अपनी पार्टी बनाएं. सब कुछ जमीन से शुरू करें. परिवारवाद को खत्म करने की जरूरत है. संविधान में परिवारवाद को खत्म करने के लिए नियम बनाने की जरूरत है.'

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प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष ने बिहार को लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार से भी मुक्ति दिलाने की बात कही. उन्होंने कहा कि हम आगे तभी बढ़ पाएंगे जब लालू यादव और नीतीश कुमार से मुक्ति पाएंगे. नीतीश कुमार कहते हैं कि यह उनका अंतिम चुनाव है, मगर वह चुनाव ही कहां लड़े? अगर वह मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर बोल रहे हैं तो यह नहीं होना चाहिए था. उन्हें बिहार में 15 साल मिले. उनको सम्मान के साथ रिटायरमेंट ले लेनी चाहिए थी.

 

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