बिहार में बदलाव का चुनाव, बीजेपी ने सीएम नीतीश को बनाया स्टेपनी: कन्हैया कुमार

कन्हैया कुमार ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर कहा कि राजनीति में नीति सबसे महत्वपूर्ण है. सवाल नेता का नहीं नीति का है. सवाल चेहरा का नहीं नियत का है.

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कन्हैया कुमार (फाइल फोटो- पीटीआई) कन्हैया कुमार (फाइल फोटो- पीटीआई)

कुमार कुणाल

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 8:24 AM IST
  • बिहार में होना है विधानसभा चुनाव
  • बदलाव का है चुनाव: कन्हैया कुमार
  • 'राजनीति में नीति सबसे महत्वपूर्ण है'

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. इस बीच जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के नेता कन्हैया कुमार ने कहा है कि ये युवाओं का चुनाव नहीं बल्कि बदलाव का चुनाव है. बिहार की जनता ने मन बना दिया है कि बदलाव करना है.

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आजतक के साथ बातचीत में कन्हैया कुमार ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर कहा कि राजनीति में नीति सबसे महत्वपूर्ण है. सवाल नेता का नहीं नीति का है. सवाल चेहरा का नहीं नियत का है. सवाल चेहरे से ज्यादा चरित्र का है. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता है. एक समूह की जरूरत होती है. एक टीम की जरूरत होगी.

चुनाव नहीं लड़ने पर कन्हैया कुमार ने कहा कि जो पार्टी कहेगी वही करेंगे. पार्टी कहेगी कि दरी बिछाएंगे तो वही करूंगा. वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार को लेकर कन्हैया ने कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ कभी मैं अनर्गल बात नहीं करता हूं. सीएम नीतीश समाजवादी स्कूल से निकले हैं. नीतीश की स्टेपनी बीजेपी थी. अब बीजेपी ने नीतीश को स्टेपनी बना ली है.

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चिराग पासवान और उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) पर कन्हैया कुमार ने कहा कि बीजेपी के साथ के बिना यह हो ही नहीं सकता है कि एक पार्टी दिल्ली में एनडीए का पार्ट हो और यहां उसके खिलाफ चुनाव लड़े. चिराग युवा हैं. इनके अंदर प्रतिभा है. वह उनका हक है कि वह चुनाव जैसा लड़ना चाहते हैं लड़े. मैंने कभी किसी के लिए वोट कटवा जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. चिराग जब एनडीए का हिस्सा है तो दिल्ली से बिहार पहुंचते-पहुंचते ऐसा क्या हो गया.

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बीजेपी में शामिल होंगे कन्हैया?

हाल ही में एक रैली के दौरान कन्हैया कुमार ने बीजेपी में शामिल होने की बात कही थी. इस पर कन्हैया कुमार ने कहा, 'मैंने तंज के तौर पर बोला था कि मैं बीजेपी ज्वॉइन कर लूंगा क्योंकि बीजेपी एक ऐसी पार्टी है जो वाशिंग मशीन की तरह दुराचारी को सदाचारी बनाती है. सारी जनता बीजेपी ज्वॉइन कर लेगी तब भी मैं बीजेपी ज्वॉइन नहीं करूंगा.'

स्टार प्रचारक और बेगूसराय तक सीमित होने के मुद्दे पर कन्हैया कुमार ने कहा, 'कालिदास ने लिखा है कि बेमौसम का फूल अच्छा नहीं लगता. हम सीजन वाली सब्जी नहीं है. सीजन के जो फूल है जो स्टार प्रचारक बनते हैं वह बने. मैं अपने संसाधनों से और इस स्कॉर्पियो से क्या बिहार को नाप सकता हूं? नहीं न... इसलिए मैं बेगूसराय और आसपास के इलाकों में प्रचार कर रहा हूं.'

तेजस्वी और कन्हैया की तुलना के मुद्दे पर कन्हैया कुमार ने कहा, 'जो बहस शुरू किया जा रहा है वह अनावश्यक है. जिस नेता के साथ मेरी तुलना की जा रही है उनके साथ तुलना नहीं हो सकती. उनकी पार्टी के पास 80 विधायक हैं. वह विपक्ष के नेता है और मैं एक पार्षद भी नहीं हूं. उनके मां-बाप मुख्यमंत्री रहे. मेरी मां आंगनबाड़ी की एक वर्कर है.

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