सीएम नीतीश पर चिराग का हमला, कहा- शराबबंदी के नाम पर बिहारियों को बना रहे तस्कर

बिहार चुनाव को देखते हुए एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी) अध्यक्ष चिराग पासवान का सीएम नीतीश कुमार पर हमला जारी है. पासवान ने इस बार हमला नीतीश कुमार के सबसे चर्चित फैसले शराबबंदी पर किया है.

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सीएम नीतीश पर चिराग का हमला (फाइल फोटो) सीएम नीतीश पर चिराग का हमला (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 11:25 AM IST
  • शराबबंदी पर राजनीतिक पार्टियां कंफ्यूज
  • कोई भी पार्टी खुलकर नहीं कर रही बात
  • जेडीयू का स्टैंड साफ, आगे भी जारी रहेगा कानून

बिहार चुनाव को देखते हुए एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी) अध्यक्ष चिराग पासवान का सीएम नीतीश कुमार पर हमला जारी है. पासवान ने इस बार हमला नीतीश कुमार के सबसे चर्चित फैसले शराबबंदी पर किया है.

चिराग पासवान ने शराबबंदी फैसले की आलोचना करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, 'शराबबंदी के नाम पर बिहारियों को तस्कर बनाया जा रहा है. बिहार की माताएं-बहने अपनों को तस्कर बनते नहीं देखना चाहती. बिहार के मुख्यमंत्री के संग सभी मंत्रियों को पता है कि बिहारी रोजगार के अभाव में शराब तस्करी की तरफ बढ़ रहा है लेकिन सब के सब को मानो सांप सूंघ लिया है. असम्भव नीतीश.'

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जाहिर है नीतीश कुमार शराबबंदी फैसले की वजह से प्रदेश की महिला वोटर्स को लुभाने में कामयाब होते रहे हैं. इसलिए चिराग पासवान ने इस बार उसी वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है. 

अब तक शराबबंदी को लेकर सिर्फ जनता दल (यूनाइटेड) का रुख स्पष्ट है. जेडीयू का कहना है कि 2016 में लागू किया गया यह कानून आगे भी जारी रहेगा. पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा है कि शराबबंदी नीतीश कुमार द्वारा लागू किया गया अभूतपूर्व कदम है. पहली बार किसी पिछड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस तरीके की साहस दिखाया और शराबबंदी लागू करने का फैसला किया. 

जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि भले ही राजस्व का नुकसान हुआ हो, लेकिन सामाजिक वातावरण बेहतर हो सके इसके लिए नीतीश कुमार ने यह निर्णय लिया. शराबबंदी आगे भी प्रदेश में जारी रहेगा. हालांकि, कांग्रेस ने बुधवार को बिहार चुनाव के लिए जारी किए गए मेनिफेस्टो में यह ऐलान किया कि अगर प्रदेश में उनकी सरकार बनती है तो वह शराबबंदी पर समीक्षा करेंगे.

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बिहार में शराबबंदी की समीक्षा का दाव चलकर कांग्रेस ने उस तबके के वोटरों को साधने की कोशिश की है जो शराबबंदी से काफी नाराज है. बिहार में एक ऐसा तबका भी है जो शराबबंदी से नाराज है और इस तरीके की खबरें लगातार आती रहती हैं कि ऐसे लोग अपने घर पर शराब की होम डिलीवरी करवाते हैं और दोगुने दाम पर शराब खरीदते हैं.

कांग्रेस द्वारा शराबबंदी की समीक्षा की बात पर जनता दल यूनाइटेड ने पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता करा दिया है.अभिषेक झा ने कहा कि यह कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करता है. कांग्रेस की मानसिकता महिला विरोधी है. 

वहीं राष्ट्रीय जनता दल भी शराबबंदी बिहार में जारी रहे या खत्म की जाए इसको लेकर पशोपेश में फंसी हुई है. चुनाव के दौरान अगर आरजेडी इस बात का ऐलान करती है कि वह बिहार में शराबबंदी समाप्त कर देगी तो फिर इस बात की पूरी संभावना है कि प्रदेश की महिलाएं इससे नाराज होकर आरजेडी के खिलाफ वोट कर दें.


 

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