बिहार में SIR का पहला ड्राफ्ट जारी, आज 3 बजे से लोग ECI की वेबसाइट पर सर्च कर पाएंगे अपना नाम

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन अधिकारी (EROs) मतदाताओं या किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 1 अगस्त से 1 सितंबर तक आगे आकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने तथा मतदाताओं से जुड़ी जानकारी में सुधार के लिए दावे और आपत्तियां देने के लिए आमंत्रित करेंगे.

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बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के बाद संशोधित वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 30 सितंबर को होगा. (File Photo: PTI) बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के बाद संशोधित वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन 30 सितंबर को होगा. (File Photo: PTI)

ऐश्वर्या पालीवाल

  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 11:55 AM IST

चुनाव आयोग ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद आज संशोधित वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी कर दिया है. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की कॉपी सौंपी गई है. बिहार के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) द्वारा सभी 38 जिलों में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को रिवाइज्ड वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट की फिजिकल और डिजिटल प्रतियां सौंपी गईं. चुनाव आयोग शाम 3 बजे अपने आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट अपलोड कर देगा. मतदाता अपना नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में देख सकेंगे और जिनका नाम नहीं होगा वे अपनी आपत्ति चुनाव आयोग के पास दर्ज करा सकेंगे.

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मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने आश्वासन दिया है कि बिहार के सभी मतदाताओं और राजनीतिक दलों को संशोधित वोटर लिस्ट पर 1 अगस्त से 1 सितंबर तक दावे और आपत्तियां देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. सीईसी ने कहा कि बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन अधिकारी (EROs) राज्य में मतदाताओं या किसी भी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 1 अगस्त से 1 सितंबर तक आगे आकर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने तथा मतदाताओं से जुड़ी जानकारी में सुधार के लिए दावे और आपत्तियां देने के लिए आमंत्रित करेंगे.

बिहार में मतदाता सूची से हटेंगे 65 लाख नाम

बिहार में 24 जून से शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी. चुनाव आयोग ने 27 जुलाई को एक प्रेस नोट में कहा था कि बिहार में मतदाता सूची में पंजीकृत 91.69% मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा कर दिए हैं और 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाले ड्राफ्ट में उनका नाम शामिल होगा. चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि 24 जून, 2025 तक 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा कर दिए थे, जो एसआईआर प्रक्रिया में लोगों की भारी भागीदारी का संकेत है. इसका मतलब है कि 65 लाख मतदाताओं के नाम 1 अगस्त की मसौदा सूची में शामिल नहीं होंगे.

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चुनाव आयोग ने कहा कि मतदाता सूची में नाम न होने के कारणों में मतदाता की मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत होना शामिल है. आयोग ने कहा कि युवा मतदाता, जो 1 जुलाई, 2025 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, या 1 अक्टूबर, 2025 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, उन्हें निर्धारित घोषणा पत्र के साथ फॉर्म 6 में अपना आवेदन दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. चुनाव आयोग ने कहा कि वह ऐसे युवा मतदाताओं को पंजीकृत करने के लिए 1 अगस्त से 1 सितम्बर तक पूरे बिहार में विशेष अभियान चलाएगा, ताकि सभी पात्र मतदाताओं को पंजीकृत किया जा सके और कोई भी वंचित न रह जाए. 

बिहार में SIR का इंडिया ब्लॉक कर रहा विरोध

चुनाव आयोग द्वारा 24 जून को जारी एसआईआर आदेश में कहा गया था कि यह प्रक्रिया बिहार से शुरू होकर पूरे देश में लागू की जाएगी. इस विवादास्पद प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है. विपक्षी दलों ने इसे पिछले दरवाजे से लाया गया राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) करार दिया है. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर दोनों सदनों में चर्चा की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक में शामिल पार्टियों के सांसदों शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी दलों ने एसआईआर को वोटों की चोरी करार दिया. 

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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, डीएमके के ए राजा और राजद की मीसा भारती समेत तमाम विपक्षी दलों के सांसदों ने प्लेकार्ड और पोस्टर-बैनर लेकर एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिस पर लिखा था, 'एसआईआर लोकतंत्र पर वार'. लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई. इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ नारेबाजी की और सदन में तख्तियां लहराईं. स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष के सदस्यों से शांति बनाने और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहा. उन्होंने दोपहर 2 बजे तक लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.

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