उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का कंसा पासी किला विवाद अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है. लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कंसा पासी किला विवाद में अब पासी समाज का संगठन लाखन आर्मी सड़क पर उतर आया है. लाखन आर्मी ने सूरज पासी की अगुवाई में हरदोई से एक यात्रा की शुरुआत की है. इस यात्रा का लक्ष्य शिव मंदिर को वापस पाना बताया जा रहा है.
लाखन आर्मी की यह यात्रा उत्तर प्रदेश के 31 जिलों तक जाएगी. लाखन आर्मी के प्रमुख सूरज पासी इस यात्रा के जरिये कंसा किला बनाम मस्जिद का मुद्दा उठा रहे हैं. इस यात्रा के दौरान पासी समाज के लोगों से यह किला और कंसा के शिव मंदिर को वापस पाने के आंदोलन से जुड़ने की अपील की जा रही है. लाखन आर्मी की इस यात्रा को लेकर मुस्लिम धर्मगुरुओं और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है.
मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं का आरोप है कि यह यात्रा उसी तरह का माहौल बनाने की कोशिश है, जैसा बाबरी मस्जिद आंदोलन के दौरान बनाया गया था. मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना नाजिम अशरफी ने कहा कि कभी बाबरी मस्जिद के खिलाफ राम मंदिर के लिए यात्रा निकाली गई थी, अब कसमंडी की मस्जिद को लेकर वैसी ही यात्रा निकाली जा रही है.
मौलाना नाजिम अशरफी ने आरोप लगाया कि लालकृष्ण आडवाणी की यात्रा की तरह अब भी लोगों को उकसाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राएं समाज में सांप्रदायिक तनाव और विभाजन को बढ़ावा दे सकती हैं. वहीं, एआईएमआईएम के सेंट्रल अध्यक्ष ताहिर सिद्दीकी ने कहा कि अयोध्या विवाद का माहौल पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ है और अब पासी किला मुद्दे को लेकर नई यात्रा निकाली जा रही है.
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ताहिर सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर समाज में तनाव पैदा करने के उद्देश्य से यह यात्रा आयोजित की जा रही है. वहीं, पासी समाज के संगठन इस यात्रा को अपने धार्मिक और ऐतिहासिक अधिकारों से जुड़ा आंदोलन बता रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश बता रहा है.
चिराग की पार्टी के नेताओं को पुलिस ने रोका
लाखन आर्मी की यात्रा के बीच चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ता और नेताओं ने कंसा पासी किला के लिए कूच कर दिया. वीवीआईपी गेस्ट हाउस से निकले एलजेपीआर के नेताओं को पुलिस को ने रास्ते में ही रोक दिया. पुलिस ने कंसा पासी किला जाने के लिए अनुमति नहीं लिए जाने का हवाला दिया.
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एलजेपीआर के नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आगे बढ़ने की कोशिश भी की. इस दौरान मौके पर हालात तनावपूर्ण हो गए. तनावपूर्ण हालात को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस की तैनाती बढ़ा दी.
आशीष श्रीवास्तव