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पलासबारी विधानसभा चुनाव 2026 (Palasbari Assembly Election 2026)

चुनाव 2026 के उम्मीदवार

पलासबाड़ी असम के कामरूप जिले का एक कस्बा है, जहं एक म्युनिसिपल बोर्ड है. यह तेजी से एक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है, जिससे इस पुराने कस्बे को एक नई गति मिली है. ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर, गुवाहाटी से लगभग 23-25 ​​किमी पश्चिम में स्थित, पलासबाड़ी का नाम "पलाश" (जंगल की आग जैसे लाल फूल वाले पेड़) और "बाड़ी" (बगीचा/स्थान)

से पड़ा है. इस क्षेत्र के सबसे पुराने शहरी केंद्रों में से एक होने के नाते, इसका एक समृद्ध ऐतिहासिक अतीत है; 1950 के दशक तक यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक, शैक्षिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में कार्य करता रहा. इस क्षेत्र में कभी हेरामदोई के पास एक छोटा कचारी साम्राज्य हुआ करता था, और 19वीं सदी की शुरुआत में बर्मा के लोगों की ऐतिहासिक हार के बाद इस बंदरगाह को 'हरघाट' के नाम से जाना जाने लगा. 1950 के दशक में आए विनाशकारी भूकंप, और उसके बाद आई बाढ़ तथा नदी के कटाव ने इस पुराने कस्बे को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसके परिणामस्वरूप यहां की बसावट और आर्थिक गतिविधियों में बड़े बदलाव आए. आज, पलासबाड़ी नई औद्योगिक इकाइयों के साथ तेजी से विकसित हो रहा है और एक 'विकास ध्रुव' (growth pole) के रूप में उभर रहा है. पलासबाड़ी विधानसभा क्षेत्र, गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के 10 खंडों में से एक है.

1951 में स्थापित पलासबाड़ी ने अब तक असम में हुए सभी 15 विधानसभा चुनावों में मतदान किया है. शुरुआती दशकों में यह कांग्रेस का एक मजबूत गढ़ हुआ करता था. हालांकि, असम गण परिषद (AGP) के उदय के साथ ही इस क्षेत्र पर कांग्रेस की पकड़ कमजोर पड़ गई, और 1983 के बाद से, जब उसने आखिरी बार चुनाव जीता था, वह यहाँ एक भी चुनाव नहीं जीत पाई है. हाल के वर्षों में, पलासबाड़ी अब BJP का एक मजबूत गढ़ बन गया है.

कांग्रेस पार्टी ने यह सीट पांच बार जीती है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार भी पांच बार विजयी रहे हैं. AGP और BJP ने दो-दो बार इस सीट पर कब्जा जमाया है, और जनता पार्टी ने 1978 में एक बार यह सीट जीती थी.

जतिन माली, जिन्होंने 1985 से 1996 के बीच लगातार तीन चुनाव जीते थे (दो बार AGP उम्मीदवार के तौर पर और 1985 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर)ने 2011 में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना चौथा कार्यकाल जीता. इस चुनाव में उन्होंने प्रणब कलिता को, जो 2001 और 2006 में दो बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे, महज 680 वोटों के मामूली अंतर से हराया. कलिता ने 2016 का चुनाव BJP उम्मीदवार के तौर पर लड़ा और कांग्रेस पार्टी के नवज्योति तालुकदार को 48,742 वोटों से हराया, जबकि मौजूदा विधायक जतिन माली तीसरे स्थान पर रहे. BJP ने 2021 में भी यह सीट बरकरार रखी, जब उसने कलिता की जगह हेमांगा ठाकुरिया को अपना उम्मीदवार बनाया. ठाकुरिया, जिन्होंने 2011 में BJP उम्मीदवार के तौर पर इस सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं पाए थे, उन्होंने असम जातीय परिषद (AJP) के पंकज लोचन गोस्वामी को 39,670 वोटों से हराया. जतिन माली, जो इस बार कांग्रेस के उम्मीदवार थे, तीसरे स्थान पर रहे.

विधानसभा चुनावों के विपरीत, जहां BJP ने बाद में जोर पकड़ा, उसने पलासबारी विधानसभा क्षेत्र में पिछले चारों लोकसभा चुनावों में बढ़त बनाए रखी है. उसने 2009 में कांग्रेस पार्टी पर 3,326 वोटों की बढ़त बनाई, 2014 में 43,156 वोटों की, 2019 में 48,172 वोटों की और 2024 में 44,349 वोटों की. पलासबारी विधानसभा क्षेत्र में BJP की बिजली कलिता मेधी को 104,347 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की मीरा बोरठाकुर गोस्वामी के पक्ष में 59,998 वोट पड़े.

2026 के विधानसभा चुनावों के लिए पलासबारी की अंतिम मतदाता सूची में 215,489 योग्य मतदाता थे. SIR 2025 के बाद मतदाताओं की संख्या में मामूली गिरावट (169 मतदाता) देखी गई, जो 2024 में 215,658 थी. 2023 के परिसीमन के दौरान पलासबारी के मतदाता आधार में 57,217 की भारी वृद्धि हुई, क्योंकि आस-पास के निर्वाचन क्षेत्रों के कई मतदान केंद्र इसमें स्थानांतरित कर दिए गए थे. इसके अलावा, नए मतदाता भी जोड़े गए, जिनमें मुख्य रूप से वे प्रवासी मजदूर शामिल थे जो इस निर्वाचन क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों में काम करते थे. यह 2021 में 158,441, 2019 में 149,068, 2016 में 138,002, 2014 में 129,614 और 2011 में 130,375 था.

परिसीमन से पहले, पलासबारी में 11.79 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के मतदाता और 8.30 प्रतिशत अनुसूचित जाति के मतदाता थे, जबकि इस निर्वाचन क्षेत्र में मुसलमानों की उपस्थिति बहुत कम थी. यह मुख्य रूप से एक ग्रामीण सीट थी, जहां 26.25 प्रतिशत मतदाता नगर पालिका बोर्ड क्षेत्रों में रहते थे, जबकि 73.75 प्रतिशत मतदाता ग्रामीण इलाकों में रहते थे. उम्मीद है कि ये आँकड़े बदल गए होंगे, क्योंकि परिसीमन आयोग ने राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं को समान रूप से वितरित करने के प्रयास में इसकी सीमाओं को फिर से व्यवस्थित किया है.

पलासबारी में मतदाताओं की भागीदारी (वोटर टर्नआउट) हमेशा ज्यादा रही है. 2016 में यह अपने उच्चतम स्तर 87.85 प्रतिशत पर थी, और 2014 में अपने न्यूनतम स्तर 79.30 प्रतिशत पर. यह 2011 में 81.15 प्रतिशत, 2019 में 81.21 प्रतिशत, 2021 में 83.45 प्रतिशत और 2024 में 80.09 प्रतिशत रही.

इस निर्वाचन क्षेत्र में असमिया बोलने वाले हिंदुओं, स्थानीय जनजातीय समूहों और औद्योगिक विकास के कारण यहाँ आए प्रवासी मजदूरों का मिला-जुला रूप देखने को मिलता है, जो इसके बदलते ग्रामीण-शहरी स्वरूप में योगदान देता है.

पलासबारी निर्वाचन क्षेत्र में ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित कामरूप जिले के कुछ हिस्से आते हैं. यहां समतल जलोढ़ मैदान हैं और कुछ ऐसे निचले इलाके भी हैं, जिन पर नदी के बहाव का असर पड़ता रहता है. यहां की जमीन धान की खेती, सब्जियां की खेती और औद्योगिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त है, लेकिन इसे मौसमी बाढ़ और जमीन के कटाव जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है. पलासबारी के लोगों की आजीविका मुख्य रूप से खेती-बाड़ी, छोटे-मोटे व्यापार, आस-पास की आर्द्रभूमियों में मछली पकड़ने और बढ़ते औद्योगिक रोजगार पर निर्भर है. इन औद्योगिक रोजगारों में रेशम, जूट, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य क्षेत्रों में उभरती हुई नई इकाइयां भी शामिल हैं.

बुनियादी ढांचे में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के जरिए सड़क संपर्क, आस-पास के स्टेशनों पर रेल सुविधा, और नगर पालिका क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं. साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों, ग्रामीण सड़कों और बाढ़ प्रबंधन में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं.

सबसे नजदीकी बड़ा शहर गुवाहाटी (राज्य की राजधानी, दिसपुर) है, जो यहां से लगभग 23-27 km पूर्व में स्थित है. अन्य नजदीकी शहरों में मिर्जा और बिजोयनगर शामिल हैं, जो पश्चिम/दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगभग 10-15 km की दूरी पर हैं.

अप्रैल 2026 के चुनावों के लिए पलासबारी निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी बिसात बिछ चुकी है. BJP ने एक युवा और पहली बार चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार, हिमांशु शेखर बैश्य को अपना प्रत्याशी बनाया है. उन्हें AJP के पंकज लोचन गोस्वामी से कड़ी चुनौती मिलेगी, जो कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार हैं. तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जिससे यह तय हो गया है कि पलासबारी में इस बार मुकाबला कई पार्टियों के बीच होगा. पिछले आठ चुनावों में से छह में जीत हासिल करने या बढ़त बनाने के BJP के मजबूत चुनावी रिकॉर्ड, और उसके सहयोगी दल AGP के पूर्ण समर्थन को देखते हुए, 2026 के असम विधानसभा चुनावों में BJP अपने प्रतिद्वंद्वियों पर भारी पड़ती नजर आ रही है.

(अजय झा)

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Phase 1

चुनाव शेड्यूल

मतदान की तारीख
09 अप्रैल 2026
मतगणना की तारीख
04 मई 2026
पूरे चुनाव शेड्यूल के लिए
यहां क्लिक कीजिए
पलासबारी विधानसभा क्षेत्र में मतदान फेज 1 में 09 अप्रैल 2026 को होगा और मतगणना 04 मई 2026 को की जाएगी.

पलासबारी विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2021
2016
WINNER

Hemanga Thakuria

BJP
वोट68,311
विजेता पार्टी का वोट %51.8 %
जीत अंतर %30.1 %

पलासबारी विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Pankaj Lochan Goswami

    ASMJTYP

    28,641
  • Jatin Mali

    INC

    27,320
  • Anil Boro

    IND

    2,306
  • Juri Mali

    IND

    1,730
  • Nota

    NOTA

    1,427
  • Munmi Dutta

    IND

    1,094
  • Mukut Kalita

    IND

    1,017
WINNER

Pranab Kalita

BJP
वोट75,210
विजेता पार्टी का वोट %61.9 %
जीत अंतर %40.1 %

पलासबारी विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Nabajyoti Talukdar

    INC

    26,468
  • Jatin Mali

    IND

    15,755
  • Nota

    NOTA

    1,564
  • Kushal Chandra Sarma

    IND

    991
  • Juri Mali

    LDP

    980
  • Palash Jyoti Das

    RAJPA

    467
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असम विधानसभा चुनाव 2026 से जुड़े Frequently Asked Questions (FAQs)

पलासबारी विधानसभा सीट के लिए मतदान की तारीख क्या है? यहां किस चरण में मतदान होगा?

पलासबारी विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2021) विधायक कौन हैं?

2021 में पलासबारी में BJP का विजयी वोट प्रतिशत कितना था?

2021 के पलासबारी चुनाव में Hemanga Thakuria को कितने वोट मिले थे?

2021 में पलासबारी सीट पर उपविजेता कौन था?

असम विधानसभा चुनाव 2026 कब आयोजित होंगे?

पिछले पलासबारी विधानसभा चुनाव 2021 किस पार्टी ने जीता था?

असम विधानसभा सीट चुनाव परिणाम 2026 कब घोषित होंगे?

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