यूजीसी की 500 करोड़ की स्ट्राइड स्कीम शुरू, रिसर्चर को मिलेगा ये फायदा

यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने रीसर्च फील्ड को बढ़ावा देने के लिए ट्रांस-डिसिप्लिनरी रिसर्च के लिए नई योजना की घोषणा की. बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने इसके बारे में बताया.

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मानसी मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 03 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 5:07 PM IST

यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने रीसर्च फील्ड को बढ़ावा देने के लिए ट्रांस-डिसिप्लिनरी रिसर्च के लिए नई योजना की घोषणा की. बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने इसके बारे में बताया.

यूजीसी की स्ट्राइड Stride योजना के जरिये युवा प्रतिभा की पहचान की जाएगी. तकरीबन 500 करोड़ की इस परियोजना में ऐसी रीसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा जो वैश्व‍िक रूप से महत्वपूर्ण हो. साथ ही ये स्थानीय और सामाजिक रूप से भी प्रासंगिक होनी चाहिए. सरकार ऐसे शोधों को आम लोगों तक पहुंचाने का काम करेगी.

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डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यूजीसी द्वारा नई योजना स्ट्राइड के नाम से प्रचलित होगी. लगभग 500 करोड़ की इस परियोजना में अर्थ से जुड़े कोर्स विशेष रूप से समाहित होंगे. नवयुवक इससे जुड़ेंगे. बता दें कि आम जनजीवन और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े शोध कार्यो को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी ने स्ट्राइड नाम की एक नई शोध योजना शुरू की है.

इसमें अलग-अलग विषयों और क्षेत्र से जुड़े नए शोध कार्यो को शामिल किया जाएगा. इस योजना में पचास लाख से लेकर पांच करोड़ तक वित्तीय मदद दी जाएगी. कहा जा रहा है कि यूजीसी की इस पहल से देश में शोध की एक नई संस्कृति शुरू होगी.

इस योजना में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधों को बढ़ावा मिलेगा जो देश को आर्थिक मजबूती देने के साथ विकास में सहायक होंगे. इसमें वित्तीय मदद कितनी और किस तरह दी जाए, इसका निर्धारण शोध कार्यो के स्वरूप पर निर्भर करेगा.  

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होगी नई प्रतिभा की पहचान

योजना के एक चरण में विश्वविद्यालयों, कालेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से नई प्रतिभा की तलाश की जाएगी. इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनकी मदद दी जाएगी. उनके विकास के लिए भी एक करोड़ तक की वित्तीय मदद दी जाएगी.

हिस्ट्री, फिलॉसफी को बढ़ावा

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस योजना के एक पहलू के अनुसार इतिहास, दर्शनशास्त्र, पत्रकारिता सहित जन सामान्य से जुड़े भिन्न विषयों में शोध कार्यो को बढ़ावा दिया जाएगा. इसमें भी वित्तीय मदद को जोड़ा गया है जो पांच करोड़ तक हो सकती है.

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