हिंदू ग्रंथों की जानकारी देगा IIT कानपुर, वेबसाइट पर डालेगा ऑडियो

द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर अब हिंदू पवित्र ग्रंथों का डिजिटलाइजेशन करने का फैसला किया है. आईआईटी कानपुर एक पहला इंजीनियरिंग कॉलेज है, जो हिंदू धार्मिक किताबों के टेक्स्ट और ऑडियो सर्विस करने जा रहा है.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

द इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर अब हिंदू पवित्र ग्रंथों का डिजिटलाइजेशन करने का फैसला किया है. आईआईटी कानपुर एक पहला इंजीनियरिंग कॉलेज है, जो हिंदू धार्मिक किताबों के टेक्स्ट और ऑडियो सर्विस करने जा रहा है. इस सर्विस के माध्यम से एक प्लेटफॉर्म पर ग्रंथों से जुड़ी जानकारी टेक्स्ट और ऑडियो फॉर्म में अपलोड की जाएगी.

यह सभी जानकारी वेबसाइट www.gitasupersite.iitk.ac.in पर जारी की जाएगी. इसके तहत श्रीमद्भगवतगीता, रामचरितमानस, ब्रह्मसूत्र, योगसूत्र, श्री राम मंगलदासजी, नारद भक्ति सूत्र को अपलोड किया गया है. इसके साथ ही वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड और बालककांड के संस्कृत अनुवाद को भी यहां अपलोड किया गया है.

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बता दें कि टेक्स्ट सिर्फ हिंदी में ही नहीं, बल्कि आसामी, बंगाली, देवनागरी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, पंजाबी,  रोमन तमिल में मौजूद होगा. वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार इससे पहले भी इस तरह की वेबसाइट बनाई गई है.

भगवद्गीता का अंग्रेजी में ऑडियो ट्रांसलेशन करने का काम बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र के विशेषज्ञों तथा संस्कृत अनुवाद स्वामी ब्रह्मानंद ने किया है. इसी तरह अवधी में लिखे रामचरितमानस के अनुवाद के लिए आईआईटी गुवाहाटी के फैकल्टी मेंबर देव आनंद पाठक को चुना गया है.

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