ये हैं वो तीन युवा जिसने CBSE के OSM सिस्टम को किया बेनकाब, उम्र जानकर रह जाएंगे हैरान

सच का साथ इतना मजबूत होता है कि वह बड़े-बड़े भी घुटने टेकने को मजबूर हो जाते हैं. हालांकि, भले इसे सामने आने में समय लगता है लेकिन जब आता है तो, कई लोग इसके आगे हार जाते हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है देश के तीन जांबाज युवाओं वेदांत श्रीवास्तव, निसर्ग अधिकारी और सार्थक सिद्धांत ने. जिस केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कमियों और लूपहोल्स को मुख्यधारा की मीडिया सामने न ला सकी, उसे इन तीन लड़कों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है.

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Three youths expose CBSE OSM system Three youths expose CBSE OSM system

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:12 PM IST

CBSE में ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल को लेकर विवाद खत्म नहीं हो रहा. लेकिन जब सोशल मीडिया पर छात्रों ने इसे लेकर शिकायत शुरू की तो, उन्हें ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा. उन्हें न जाने किन-किन शब्दों से संबोधित किया गया. लेकिन कहते हैं न जब आपके पास सच का साथ हो तो आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है. ऐसा ही कुछ हुआ बोर्ड पोर्टल को भी लेकर.  वेदांत श्रीवास्तव, निसर्ग अधिकारी और सार्थक सिद्धांत ने वो कर दिखाया जो शायद कई बच्चे करने में घबराते हैं. इन तीनों ने CBSE की कमियों और लूपहोल्स को देश के सामने रखा. उनकी इस मजबूती ने कई सारे छात्रों को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया. ऐसे में चलिए जानते हैं इन छात्रों के बारे में जिन्होंने केवल तथ्यों और सबूतों के आधार पर हर किसी को हैरान कर दिया है.  

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वेदांत श्रीवास्तव

बता दें कि 17 साल के वेदांत श्रीवास्तव ने CBSE की री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के लिए आवेदन किया था. लेकिन बोर्ड की लापरवाही का आलम यह था कि उन्हें उनकी असल कॉपी की जगह किसी और की फिजिक्स की आंसर शीट थमा दी. इसके बाद वेदांत चुप नहीं बैठे, उन्होंने तुरंत इस सबूत को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिया.

इस सच को दबाने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा उन्हें ट्रोल किया गया और पाकिस्तानी तक का टैग दे दिया गया. लेकिन वेदांत अपने स्टैंड पर अडिग रहे. आखिरकार,उन्होंने तथ्यों के दम पर CBSE को अपनी गलती मानने और घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. 

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निसर्ग अधिकारी 

वहीं, दूसरी ओर 19 साल के निसर्ग अधिकारी ने वो कर दिखाया जिससे CBSE के डिजिटल सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ गईं. निसर्ग ने CBSE की आधिकारिक वेबसाइट में एक बड़ा लूपहोल ढूंढ निकाला और उसे हैक कर लिया.

पहले तो बोर्ड ने इसे मानने से इनकार कर दिया लेकिन बाद में उन्होंने इस बात को स्वीकार किया. पहले तो एक जिम्मेदार नागरिक की तरह उन्होंने इस गंभीर सिक्योरिटी वल्नेरेबिलिटी की रिपोर्ट सीधे CBSE को दी.

लेकिन जब बोर्ड ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और कोई एक्शन नहीं लिया, तो निसर्ग ने सोशल मीडिया पर पब्लिक कर दिया. उन्होंने पूरी दुनिया के सामने यह साबित कर दिया कि CBSE का डेटा कितना असुरक्षित है और इसे आसानी से हैक किया जा सकता है. 

सार्थक सिद्धांत

इसके बाद 18 साल के सार्थक सिद्धांत ने CBSE के अंदर चल रहे प्रशासनिक और वित्तीय खेल को उजागर किया. सार्थक ने CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग  सिस्टम (OSM) टेंडर की बारीकी से रिसर्च कर एक्स पर इसकी जानकारी दी.

उन्होंने फैक्ट्स के साथ समझाया कि कैसे इस टेंडर की शर्तें कथित तौर पर 'COEMPT' नाम की एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई थीं. बात सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं रही. सार्थक ने हिम्मत दिखाते हुए मीडिया के सामने आकर पूरे तथ्यों और डॉक्यूमेंट के साथ आकर इस प्रक्रिया को देश के सामने रखा. 

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