भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक और बड़ी ऐतिहासिक घोषणा की है. इसके मुताबिक, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु के एक अंतरराष्ट्रीय परिसर (कैंपस) की स्थापना इंडोनेशिया में की जाएगी. शिक्षा जगत में ये एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कैंपस से ASEAN क्षेत्र के युवाओं को भी फायदा मिलेगा. इसके तहत पांच अहम कोर्स शामिल किए जाएंगे. प्रस्ताविक कैंपस इंडोनेशिया के मलंग में सिंघासारी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में स्थापित की जाएगी.
पहला कैंपस होगा
बता दें कि प्रस्तावित कैंपस IIMB का पहला इंटरनेशनल कैंपस होगा. इससे पहले IIM अहमदाबाद का कैंपस दुबई में, IIT दिल्ली का अबू धाबी में और IIT मद्रास का जंजीबार में स्थापित किया जा चुका है. यह कदम दुनिया भर के शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए और भारत की बढ़ती अहमियत को उजागर करता है.
दोनों देशों में हुए कई समझौते
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया ने अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी का एक सुनहरा अध्याय शुरू किया है. इसके लिए रक्षा, सुरक्षा, अहम खनिज, समुद्री क्षेत्र समेत कई क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते हुए गए हैं.
इन विषयों पर रहेगा ध्यान
इस कार्यक्रम में छात्रों को पांच प्रमुख क्षेत्रों में पढ़ाई करवाई जाएगी.
ग्लोबल सप्लाई चेन
डिजिटल बदलाव (Digital Transformation)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
जलवायु और सतत विकास (Climate & Sustainability)
हेल्थकेयर मैनेजमेंट
इसके अलावा, छात्रों को उद्योग जगत के विशेषज्ञों, शिक्षकों और दुनिया भर के प्रोफेशनल्स से सीखने और बातचीत करने का मौका भी मिलेगा.
छात्रों को मिलेगा फायदा
शुरुआत में इस परिसर में वरिष्ठ प्रोफेशनल्स, बिजनेस लीडर्स और सरकारी अधिकारियों के लिए एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम चलाए जाएंगे. इसके बाद, पहले दो साल सफल रहने पर आईआईएम बैंगलोर यहां डिग्री वाले मैनेजमेंट कोर्स भी शुरू करेगा. यह कैंपस मुख्य रूप से इंडोनेशिया के छात्रों के लिए होगा, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों के छात्रों के आने की भी उम्मीद है. यहां पर पढ़ने वाले छात्रों को शॉर्ट-टर्म अकादमिक प्रोग्राम के तहत बेंगलुरु स्थित आईआईएम कैंपस जाने का मौका भी मिलेगा. आईआईएम बैंगलोर की यह पहल भारत को वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
आजतक एजुकेशन डेस्क