हौसलों मजबूत हो तो रास्ता मुश्किल नहीं लगता है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक कहानी तेजी से वायरल हो रही है. यह कहानी कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के एक बेहद छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले पृथ्वीराज की है. एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े टेक कंपनी एनवीडिया (Nvidia) में अपनी जगह बना ली है. इतना ही उन्हें मिला पैकेज भी बेहद खास है. उन्हें करीब 2.6 करोड़ सालाना का पैकेज मिला है. वे एडवांस्ड चिप्स को डेवलप करने वाली टीम का हिस्सा हैं, जो पूरी दुनिया में AI टेक्नोलॉजी को चला रही है. लेकिन जो बात इसे और खास बनाती है वह यह है कि पृथ्वीराज के पास किसी IIT का टैग नहीं है.
बिना IIT के हासिल किया ये मुकाम
लिंक्डइन पर शेयर किए गए इस पोस्ट में ये भी बताया गया है कि पृथ्वीराज ने बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. कॉलेज के समय में उन्होंने न केवल किताबी ज्ञान बल्कि उससे हटकर भी स्किल्स सीखें. पढ़ाई के साथ-साथ लगातार अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम किया, इंटर्नशिप्स कीं और हर उस तकनीक को सीखा जो क्लासरूम में नहीं पढ़ाई जाती थी.
ऐसी जगह से आना जहां नहीं पहुंच पा रही तकनीक
पृथ्वीराज के लिए यह उपलब्धि महज नौकरी मिलने से कहीं अधिक थी. उन्होंने कहा कि ऐसी जगह से आने के कारण जहां तकनीक तक पहुंच पाना कभी नामुमकिन सा लगता था, यहां तक का सफर लगभग असंभव सा लग रहा था. लेकिन हर लंबी रात, हर झटका और हर पल के संदेह ने मेरे इरादे को और मजबूत किया.
नहीं आसान था सफर
ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी पृथ्वीराज का सफर आसान नहीं था. रिपोर्ट्स के अनुसार, वह मास्टर डिग्री करने के लिए अमेरिका गए. आर्थिक तंगी और सही मार्गदर्शन की कमी के बावजूद उन्होंने एक टियर-3 विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया. आवेदन से लेकर करियर की योजना तक, ज्यादातर काम उन्होंने खुद ही सीखा और किया. कड़ी मेहनत और लगातार सीखने की बदौलत उन्होंने एनवीडिया का इंटरव्यू पास किया. आज वह एनवीडिया की डीप लर्निंग टीम में काम कर रहे हैं और सालाना करीब 2.6 करोड़ रुपये (2,75,000 डॉलर) कमाते हैं.
पृथ्वीराज ने कहा कि एनवीडिया से जुड़ना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है. यहां मुझे एआई और डीप लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम करने और बेहतरीन इंजीनियरों के साथ सीखने का मौका मिल रहा है.
आजतक एजुकेशन डेस्क