NEET का पूरा पैटर्न बदलेगा! अब 1 नहीं, 6 दिन तक चलेंगे पेपर, समझ‍िए NTA का प्लान?

मीडिया रिपोर्ट्स और शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) नीट परीक्षा को लेकर एक 'सुपर प्लान' पर काम कर रही है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह पूरा नया पैटर्न क्या हो सकता है और इससे आपकी तैयारी पर क्या असर पड़ने वाला है.

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NEET का पूरा पैटर्न बदलने की तैयारी NEET का पूरा पैटर्न बदलने की तैयारी

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST

NEET-UG की तैयारी करने वाले बच्चों और उनके माता-पिता के लिए यह खबर बहुत जरूरी है. अगर आप सोच रहे हैं कि अगले साल भी नीट परीक्षा वैसे ही होगी जैसे हमेशा से होती आई है, तो आप बिल्कुल गलत हैं. सरकार इस पूरी परीक्षा का 'सिस्टम' बदलने जा रही है, और यह कोई छोटा-मोटा बदलाव नहीं बल्कि एक पूरा 'महा-बदलाव' है!

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मीडिया रिपोर्ट्स और शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) नीट परीक्षा को लेकर एक 'सुपर प्लान' पर काम कर रही है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह पूरा नया पैटर्न क्या हो सकता है और इससे आपकी तैयारी पर क्या असर पड़ने वाला है.

अब 'एक दिन' का खेल खत्म!
अभी तक क्या होता था? देश भर के 22-23 लाख बच्चे एक ही दिन, एक ही शिफ्ट में पेन और ओएमआर (OMR) शीट लेकर परीक्षा देने बैठते थे. लेकिन NEET UG 2027 से यह गुजरे जमाने की बात हो जाएगी. नये प्लान के अनुसार अब नीट परीक्षा एक दिन नहीं, बल्कि 5 से 6 दिनों तक चलेगी. अब परीक्षा को अलग-अलग दिनों में कई शिफ्टों में बांटा जाएगा. हर दिन देश भर में करीब 5 लाख छात्र परीक्षा देंगे.

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होगा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)
इस सुपर प्लान का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है परीक्षा का मोड बदलना. पेन-एंड-पेपर मोड को अब पूरी तरह से खत्म करके इसे ऑनलाइन (Computer Based Test) किया जा रहा है.
 
ऐसा इसल‍िए हो रहा है क्योंकि ओएमआर शीट और पेपर प्रिंटिंग वाली परीक्षा में पेपर लीक होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में पेपर पूरी तरह 'डिजिटल लॉक' रहता है, जो परीक्षा शुरू होने के ठीक कुछ मिनट पहले ही छात्र की स्क्रीन पर खुलता है. इससे लीक की गुंजाइश न के बराबर हो जाती है.

प्राइवेट सेंटर्स आउट, सरकारी स्कूल इन!
अक्सर खबरों में आता है कि फलां शहर के किसी प्राइवेट स्कूल या कॉलेज वाले सेंटर पर गड़बड़ी हुई. सरकार ने इस दर्द का इलाज ढूंढ लिया है. बताया जा रहा है कि नए प्लान के तहत परीक्षा केंद्रों की संख्या 5,000 से घटाकर सिर्फ 1,000 की जाएगी. ये 1,000 केंद्र सिर्फ और सिर्फ केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय जैसे भरोसेमंद सरकारी संस्थानों में ही बनाए जाएंगे.

'नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस' होगा लागू 
छात्रों का ये डर कि परीक्षा का ड‍िफिकल्टी लेवल कम या ज्यादा हो सकता है, लेकिन इसके लिए एनटीए 'नॉर्मलाइजेशन प्रोसेस' का इस्तेमाल करेगी. यह वही फॉर्मूला है जो जेईई (JEE Main) में सालों से चल रहा है. इसमें आपके सीधे नंबर नहीं, बल्कि आपकी शिफ्ट के बाकी बच्चों के मुकाबले आपका प्रदर्शन (परसेंटाइल) देखा जाता है. इसलिए किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी.

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क्या सिलेबस भी बदल जाएगा?
बिल्कुल नहीं! सिलेबस (Physics, Chemistry, Biology) वही रहेगा. बस आपको गोला भरने की जगह कंप्यूटर पर 'क्लिक' करने की प्रैक्टिस शुरू करनी होगी. बता दें कि ये रिफॉर्म इसरो (ISRO) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों पर हो रहा है, जिसका लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक एनटीए के पूरे सिस्टम को सुधारना है. 

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