8वीं बोर्ड परीक्षा केस: हरियाणा के CM खट्टर की घोषणा के बाद शिक्षा बोर्ड की तैयारियों पर फिरा पानी

Board Exams: बीते दिन मुख्यमंत्री खट्टर ने फिर कोरोना काल में स्कूल ना खुलने व पढ़ाई सुचारू रूप से ना होने के चलते इस साल भी इस परीक्षा को स्थगित कर दिया, जिससे शिक्षा बोर्ड की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं.

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aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 22 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 4:11 PM IST
  • 'बोर्ड की परीक्षा से बच्चों में बढ़ता है मानसिक तनाव'
  • पौने तीन लाख बच्चों का हो दर्ज हो चुका था इंरोलमेंट नंबर

Haryana 8th Board: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 8वीं कक्षा की परीक्षाओं की तैयारी धरी की धरी रह गई है. हालांकि, शिक्षा बोर्ड अब भी स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करवाने को कह रहा है, लेकिन प्राइवेट स्कूल एसोशिएशन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के फैसले का स्वागत कर 8वीं की बोर्ड परीक्षा हमेशा के लिए रद्द करने की मांग की है. 

बता दें कि शिक्षा का अधिकार (RTE) लागू होने के बाद से हरियाणा में साल 2010 से 8वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं ली जा रही है. लेकिन इससे शिक्षा के स्तर पर बुरा असर मानते हुए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और प्रदेश सरकार बीते दो साल से ये परीक्षा करवाने की जद्दोजहद कर रहे हैं. बार-बार कोई कानूनी या तकनीकी अड़चन आने और कोरोना महामारी के चलते बात आगे नहीं बढ़ पाई. इस बार मार्च में परीक्षा करवाने के लिए शिक्षा बोर्ड तैयारी पूरी कर रहा था.

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बीते दिन मुख्यमंत्री खट्टर ने फिर कोरोना काल में स्कूल ना खुलने व पढ़ाई सुचारू रूप से ना होने के चलते इस साल भी इस परीक्षा को स्थगित कर दिया, जिससे शिक्षा बोर्ड की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं. बता दें कि खास बात यह थी कि 12 साल बाद 8वीं की बोर्ड परीक्षा होनी थी, जिसमें न केवल हरियाणा बोर्ड, बल्कि CBSE के बच्चों को भी हरियाणा बोर्ड के माध्यम से ये परीक्षा देनी थी. अब सीएम की घोषणा के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह ने कहा है कि सीबीएसई के 1053 स्कूलों व हरियाणा बोर्ड के सरकारी व निजी 14000 स्कूलों के क़रीब पौने छह लाख बच्चों को 8वीं की परीक्षा देना थी, जिनमें से क़रीब पौने तीस लाख बच्चों का इंरोलमेंट नंबर भी दर्ज हो चुका था.

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बोर्ड चेयरमैन ने सभी स्कूलों को सूचित किया कि भले परीक्षा स्थागित हुई हों, लेकिन स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करवाना अब भी ज़रूरी है. वहीं, प्राइवेट स्कूल एसोशिएशन ने सीएम मनोहर लाल के  इस फैसले का स्वागत किया है. एसोसिएशन के जिला प्रधान अमित डागर ने कहा कि शिक्षा के अधिकार व नई शिक्षा निती बच्चों में मानसिक तनाव कम करने के लिए बने है, जिनमें 8वीं की परीक्षा नहीं लेनी है. ऐसे में हमने मुख्यमंत्री से 8वीं की बोर्ड परीक्षा हमेशा के लिए रद्द करने की मांग की है.

(रिपोर्ट- जगबीर गनगेश)

 

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