Telegram Ban: NEET री-एग्जाम में पेपर लीक रोकने के लिए Telegram ब्लॉक्ड, Whatsapp क्यों नहीं

Telegram ban in India: री-नीट परीक्षा को लेकर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों को रोकने के लिए टेलीग्राम को 22 जून तक बंद किया गया है. टेलीग्राम पर बड़े-बड़े चैनल बनाए जा सकते हैं, जहां लाखों लोगों तक एक साथ जानकारी पहुंचाई जा सकती है. इसके कुछ फीचर्स का इस्तेमाल करके फर्जी पेपर लीक की खबरें भी फैलाने की आशंका रहती है. वहीं, व्हाट्सएप छोटे ग्रुप्स पर आधारित है.

Advertisement
री-नीट परीक्षा को देखते हुए टेलीग्राम बैन कर दिया गया है. (Photo: Representational) री-नीट परीक्षा को देखते हुए टेलीग्राम बैन कर दिया गया है. (Photo: Representational)

अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2026,
  • अपडेटेड 3:53 PM IST

Telegram News: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने री-नीट परीक्षा को देखते हुए टेलीग्राम को भारत में 22 जून तक ब्लॉक्ड कर दिया है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि व्हाट्सएप जैसे अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

अगर टेलीग्राम और व्हाट्सएप की तुलना की जाए, तो टेलीग्राम का उपयोग बड़े पैमाने पर मैसेज फॉरवर्ड करने (मास ब्रॉडकास्टिंग) के लिए अधिक होता है. टेलीग्राम पर पब्लिक चैनल बनाए जा सकते हैं, जिनसे हजारों या लाखों लोग जुड़ सकते हैं. वहीं व्हाट्सएप मुख्य रूप से ग्रुप-बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जहां सदस्यों की संख्या अपेक्षाकृत सीमित होती है.

Advertisement

पेपर लीक मामलों में टेलीग्राम चर्चा में रहा
टेलीग्राम पहले भी कई पेपर लीक मामलों में चर्चा में रहा है. विभिन्न जांच एजेंसियों ने पूर्व में भी कई ऐसे मामलों में टेलीग्राम चैनलों के इस्तेमाल की ओर संकेत किया है. पिछले कुछ दिनों से टेलीग्राम पर कई फर्जी चैनल सक्रिय थे, जो री-नीट प्रश्नपत्र लीक होने की झूठी खबरें फैला रहे थे.

'बैकडेट एडिटिंग' फीचर का मिसयूज
टेलीग्राम के 'बैकडेट एडिटिंग' फीचर का दुरुपयोग फेक न्यूज फैलाने में भी किया जा सकता है. इस तकनीक के जरिए जालसाज परीक्षा आयोजित होने के बाद पुराने मैसेज को एडिट कर ऐसा दिखाने की कोशिश करते हैं मानो प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गया था. व्हाट्सएप में फिलहाल इस तरह के फीचर उपलब्ध नहीं है.

Whatsapp अधिक एक्टिव
सरकारी एजेंसियों के साथ सहयोग के मामले में भी टेलीग्राम की तुलना में व्हाट्सएप अधिक सक्रिय माना जाता है. व्हाट्सएप के पास कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी अनुरोधों के लिए समर्पित टीम मौजूद है, जो आवश्यक सूचनाओं और शिकायतों पर कार्रवाई करती है. इसके विपरीत, टेलीग्राम के पास ऐसी स्पष्ट और व्यापक सरकारी समन्वय व्यवस्था नहीं मानी जाती.

Advertisement

इन्हीं कारणों से री-नीट से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं और संभावित दुष्प्रचार को रोकने के लिए टेलीग्राम पर विशेष कार्रवाई की गई, जबकि व्हाट्सएप पर वैसी कार्रवाई देखने को नहीं मिली.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »