इंजीन‍ियरिंग का कर‍ियर छोड़ 40 की उम्र में किया MBBS, सेटल होने की एज में जाह्नवी बनीं अमेरिका में डॉक्टर

40 साल की उम्र में जहां एक ओर लोग सेटल होने के बारे में सोचते हैं वहीं, जान्हवी अजीत राव ने अपने 18 साल के करियर को छोड़कर नया करियर बनाने पर फोकस किया. उन्होंने MBBS किया और अब वह 47 साल की उम्र में अमेरिका में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस कर रही हैं. आज के दौर में युवा केवल अच्छे पैसे कमाने पर फोकस करते हैं न कि मेहनत करने पर लेकिन जान्हवी की ये कहानी कई लोगों के लिए किसी मोटिवेशन से कम नहीं है. 

Advertisement
18 साल इंजीनियर रहने के बाद बन गई डॉक्टर. (Photo : x/@VikasAlwys) 18 साल इंजीनियर रहने के बाद बन गई डॉक्टर. (Photo : x/@VikasAlwys)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:15 AM IST

एक सफल करियर बनाने के लिए कड़ी मेहनत लगती है. लेकिन जरा सोचिए किसी दो करियर पर काम किया और दोनों में ही सफलता हासिल की वो भी 40 की उम्र में. ये सुनने में बहुत हैरान कर देने वाला है लेकिन सच है. पर एक करियर सेटल होने के बाद लोग उसे छोड़ने के बारे में नहीं सोच सकते हैं लेकिन जान्हवी अजीत राव ने इस सोच को बदल दी. टेक इंडस्ट्री में 18 साल बिताने के बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया. अपनी इंजीनियरिंग करियर को छोड़कर उन्होंने दोबारा से MBBS की पढ़ाई के साथ अपना करियर शुरू किया. अब उनकी ये कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोग उनके  इस फैसले की सराहना कर रहे हैं. 

Advertisement

टेक से मेडिकल तक का सपर 

जान्हवी अजीत राव का जन्म महाराष्ट्र  के औरंगाबाद में हुआ था. उन्होंने सैन डिएगो में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से बैचलर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स की डिग्री हासिल की.  फिर सैंटा बारबरा (Santa Barbara) यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से मास्टर्स किया. इसके बाद वह बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर वहां पर काम करने लगी. इसके बाद वह अपने पति के साथ बेंगलुरु में शिफ्ट हो गईं. भारत वापस आने के बाद उन्होंने कई टॉप कंपनियों में काम किया. 

2003 में बदली करियर की दिशा 

जब जान्हवी का करियर सातवें आसमान पर था, तब उन्हें साल 2003 में Rheumatoid Arthritis नाम की ऑटोइम्यून बीमारी का पता चला. उस दौरान उन्होंने देखा कि डॉक्टर किस तरह मरीजों की जिंदगी बदलते हैं . डॉक्टरोम का भाव जान्हवी को इतना पसंद आया कि उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर मेडिकल के फील्ड में जाने का विचार किया. 

Advertisement

40 साल की उम्र में की मेडिकल की पढ़ाई 

साल 2013 में 40 साल की उम्र में जान्हवी ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया. करीब 18 साल किसी और फील्ड में करियर बनाने के बाद उनके लिए ये बिल्कुल आसान नहीं रहा होगा. लेकिन पूरे 8 साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने MBBS की डिग्री हासिल की. 

अब अमेरिका में कर रही प्रैक्टिस 

इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी कहानी शेयर की गई है. अब 47 साल की उम्र में जान्हवी न सिर्फ एमडी की पढ़ाई पूरी कर रही हैं, बल्कि यूएसए में प्राइमरी केयर फिजिशियन के रूप में मरीजों का इलाज भी कर रही हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »