न मुंबई न बेंगलुरु... भारत का ये शहर सैलरी बढ़ाने की लिस्ट में है सबसे आगे 

फाइनेंशियल ईयर 2027 में चेन्नई में कर्मचारियों की सैलरी सबसे तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. यहां औसतन 9.7% सैलरी वृद्धि का अनुमान है, जो बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों से भी ज्यादा है. इसके अलावा पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, विशाखापत्तनम और नागपुर जैसे शहरों में भी सैलरी तेजी से बढ़ सकती है. इसकी वजह है इलेक्ट्रिक वाहन (EV), इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ता निवेश है. 

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Chennai Emerges as India's Salary Growth Leader for FY27 Chennai Emerges as India's Salary Growth Leader for FY27

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:39 PM IST

अगर आप नौकरी करते हैं और अच्छी सैलरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो ये खबर आपके लिए है. अब तक सैलरी इंक्रीमेंट के मामले में  बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों का दबदबा रहा है लेकिन इस  फाइनेंशियल ईयर 2027 में तस्वीर बदलती नजर आ रही है. टीमलीज़ के नवीनतम जॉब्स एंड सैलरीज़ प्राइमर के मुताबिक, चेन्नई सैलरी बढ़ोतरी के मामले में देश के बड़े आईटी हब्स को पीछे छोड़ सकता है.

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इसमें करीब 9.7 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद की जा रही है. इसके साथ ही पुणे और हैदराबाद जैसे शहर भी तेजी से उभर रहे हैं जो चेन्नई को टक्क दे रहे हैं. इनमें 9.6 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद की जा रही है. यह रिपोर्ट बताती है कि अब भारत में सैलरी बढ़ोतरी सिर्फ आईटी सेक्टर पर निर्भर नहीं है. मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हेल्थकेयर और अन्य उद्योगों में बढ़ते निवेश की वजह से कई शहरों में नौकरियां और सैलरी तेजी से बढ़ रहे हैं. 

क्या कहती हैं रिपोर्ट? 

यह रिपोर्ट 23 अलग-अलग उद्योगों और 20 शहरों की 1,268 कंपनियों से मिली जानकारी पर आधारित है.  इसके अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में कर्मचारियों की सैलरी औसतन 8.6% से 10.2% तक बढ़ सकती है.  हालांकि, सभी शहरों में सैलरी वृद्धि एक जैसी नहीं होगी. कुछ शहरों में सैलरी बढ़ने की रफ्तार दूसरों के मुकाबले ज्यादा रहने की उम्मीद है. मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े शहर अब तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. चेन्नई के अलावा अहमदाबाद, विशाखापत्तनम और नागपुर में भी सैलरी बढ़ोतरी सबसे ज्यादा रहने की उम्मीद है.  विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी वजह नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर में बढ़ता निवेश और स्किल्ड कर्मचारियों की बढ़ती मांग है. 

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ये शहर हैं सबसे आगे 

1. चेन्नई- 9.7%
2 .पुणे- 9.6%
2. हैदराबाद- 9.6%
3. अहमदाबाद- 9.5%
3. विशाखापत्तनम- 9.5%
4. नागपुर- 9.4%

यब रुझान बताते हैं कि भारत की आर्थिक तरक्की अब केवल कुछ बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में फैल रही हैं. चेन्नई इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आ रही है. इसके साथ ही यह तेजी से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्माण का केंद्र बनता जा रहा है. इसी वजह से यहां नौकरियों और सैलरी में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. वहीं, पुणे और हैदराबाद में टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के बढ़ने से लगातार रोजगार और सैलरी के अवसर बढ़ रहे हैं. वहीं,  अहमदाबाद, विशाखापत्तनम और नागपुर में नए उद्योग और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं, जिससे इन शहरों की आर्थिक गतिविधियां और नौकरी के मौके तेजी से बढ़ रहे हैं. 

क्या है सैलरी बढ़ने की पीछे की वजह? 

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां ऐसे कर्मचारियों की तलाश में हैं जिनके पास भविष्य की जरूरतों से जुड़े स्किल शामिल हैं. इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर में काम करने वाले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की सैलरी में सबसे ज्यादा 11.2% बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इसके बाद क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर(10.9%), प्रोजेक्ट इंजीनियर (10.7%) और आईटी सपोर्ट एग्जीक्यूटिव (10.3%) का नंबर आता है. इससे साफ है कि तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में स्किल्ड कर्मचारियों की मांग तेजी से बढ़ रही है. 

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