पहली नौकरी 14,750 की, 5 साल में बना लिए 33 लाख, अंकुर वारिकू ने बताई अपनी तरक्की की कहानी   

कई बार जब आप अपने जीवन के सबसे अहम और कठिन समय यानी नौकरी की तलाश में होते हैं, तो उस दौरान कई सवाल आपके मन में खड़े होते हैं कि क्या मेरे अंदर स्किल है या मुझे को नौकरी पर क्यों रखेगा? ऐसा ही कुछ जाने माने इंटरप्रिन्योर और कंटेंट क्रिएटर के साथ हुआ लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को साबित करने पर जोर दिया. इतनी मेहनत की कि केवल 5 साल के अंदर 14 हजार से 33 लाख रुपये कमाने लगे, तो चलिए जानते हैं इनके बारे में. 

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Ankur Warikoo Success Story (Photo: insta/@ankurwarikoo) Ankur Warikoo Success Story (Photo: insta/@ankurwarikoo)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST

नौकरी की तलाश का वह दौर... जब हर किसी को रिजेक्शन का खतरा बना रहता है और दिमाग में केवल एक ही सवाल उठता है कि क्या मुझमें वाकई कोई काबिलियत है? कोई मुझे काम पर क्यों रखेगा? ऐसी ही कहानी है जाने -माने इंटरप्रिन्योर और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू की. वैसे तो वह युवाओं के बीच काफी फेमस हैं और लोगों को आगे पढ़ने की सलाह देते रहते हैं. कुछ समय पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने करियर से जुड़ी स्टोरी शेयर की है जिसे देख लोग मोटिवेट हो रहे हैं. 

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अपनी इस पोस्ट में अंकुर ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार नौकरी शुरू की थी तो, वे केवल 24 साल के थे और उन्हें पहली नौकरी में केवल 14,750 रुपये प्रति महीने मिलते थे. लेकिन केवल 5 सालों में उन्होंने अपनी सैलरी को बढ़कर 33 लाख रुपये सालाना कर लिए कैसे चलिए जानते हैं. 

खुद करनी होगी मेहनत 

उन्होंने बताया कि भले ही आपको मौके किसी और की मदद से मिले लेकिन अवसर मिलने के बाद आपको कड़ी मेहनत करनी चाहिए. अपने करियर के बारे में बताते हुए उन्होंने ये भी कहा कि भले वह समझदार इंसान नहीं हों, लेकिन मौका मिलने के बाद वे मेहनती इंसान जरूर बन गए हैं. 

कैसी थी पहली नौकरी? 

पहली नौकरी हर किसी के लिए खास होती है. वह आपको कई चीजें सिखाती है. अंकुर ने बताया कि वह अमेरिका में अपनी पढ़ाई छोड़कर भारत वापस आ गए थे. उन्होंने आगे बताया कि जब वह भारत लौटे थे तो उन्हें कुछ भी मालूम नहीं था कि वह अपनी लाइफ में क्या करना चाहते हैं? उस समय कॉलेज ड्रॉप आउट के लिए जॉब खोजना आसान नहीं था. लेकिन उन्होंने इसके लिए भी कड़ी मेहनत की. ऑफिस में जाकर इंटरव्यू दिए, न्यूजपेपर में नौकरी ढूंढी. 45 दिनों तक इंटरव्यू और नौकरी खोजने के बाद उन्हें पहली नौकरी एनआई स्पार्टा में लगी जिसमें उन्हें केवल 14, 750 रुपये की सैलरी मिलती थी. 

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MBA करने का फैसला

लेकिन जब वह नौकरी कर रहे थे तो, टीम में  MBA किए वालों को देखकर उन्हें लगा कि उनकी क्वालिफिकेशन बहुत कम है. इसके बाद उन्होंने ISB के वन ईयर प्रोग्राम में एडमिशन लिया. इस पढ़ाई के लिए उन्हें लंबे अमाउंट का लोन लेना पड़ा जिसकी EMI 20 हजार रुपये प्रति माह थी. तबउन्होंने खुद से सवाल किया था कि क्या वह इस लोन को चुका पाएंगे और जवाब था हां. 

12 लाख का प्लेसमेंट 

जब वह ISB से कोर्स कर रहे थे तो उस दौरान उन्हें कई दिग्गज लोगों के साथ पढ़ने का मौका मिला. इसी जगह उन्हें कंसल्टिंग की नौकरी के बारे में पता चला जिसके बाद अंकुर ने इसके लिए तैयारी की. करीब तीन राउंड के इंटरव्यू के बाद MD ने उनपर भरोसा जताया और उन्हें 12 लाख रुपये का पैकेज मिला.

1.5 साल के अंदर हो गया प्रमोशन 

नौकरी मिलने के बाद से उन्हें 1.5 साल के अंदर की प्रमोशन मिल गया. उसी कंपनी में तीन साल तक काम करते हुए उनका पैकेज 33 लाख रुपये तक पहुंच गया.  

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