F-35, अपाचे और चिनूक... वेनेजुएला पर इन हथियारों से अमेरिका ने किया हमला

वेनेजुएला में जो हमले हुए हैं, उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. उनमें रात के अंधेरे में चिनूक, अपाचे और F-35 फाइटर जेट कम ऊंचाई पर उड़ते हुए देखे जा रहे हैं. आइए जानते हैं इनकी खासियत और किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया है.

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काराकस में हुए हमले के बाद उठता धुआं. (Photo: X/DefenceMatrix) काराकस में हुए हमले के बाद उठता धुआं. (Photo: X/DefenceMatrix)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ये हमले हुए, जिनमें फुएर्ते तिउना सैन्य अड्डे और ला कार्लोटा हवाई अड्डे जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में अमेरिका ने आधुनिक फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और मिसाइलों का इस्तेमाल किया. नीचे हम इन हथियारों की पूरी जानकारी दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में ये रात के अंधेरे में देखे जा सकते हैं. 

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हमले की पृष्ठभूमि

ये हमले अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव का नतीजा हैं. अमेरिका ने मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाए हैं और पहले भी कैरेबियन सागर में कई ऑपरेशन किए हैं. सीबीएस न्यूज और रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने काराकास समेत उत्तरी वेनेजुएला में कई जगहों पर हमले किए.

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गवाहों ने कम ऊंचाई पर उड़ते हेलीकॉप्टर और जेट देखे, साथ ही धुएं और आग की लपटें. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हैं, जिनमें हमलों की तस्वीरें दिख रही हैं. एपी न्यूज और द गार्जियन ने रिपोर्ट किया कि फुएर्ते तिउना में आग लगी और स्पेशल ऑपरेशन हेलीकॉप्टर नजर आए. वेनेजुएला ने आपातकाल घोषित कर दिया है. 

इस्तेमाल किए गए फाइटर जेट: F-35 लाइटनिंग II

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अमेरिकी वायु सेना ने मुख्य रूप से F-35 लाइटनिंग II फाइटर जेट का इस्तेमाल किया. ये स्टेल्थ (छिपने वाला) जेट है, जो दुश्मन के रडार से बच सकता है. F-35 के तीन मुख्य वेरिएंट हैं: F-35ए (सामान्य), F-35बी (शॉर्ट टेकऑफ/वर्टिकल लैंडिंग) और F-35सी (कैरियर बेस्ड). यहां F-35ए की मुख्य स्पेसिफिकेशन हैं...

  • लंबाई: 51.4 फीट (15.7 मीटर)
  • विंगस्पैन (पंखों की चौड़ाई): 35 फीट (10.7 मीटर)
  • ऊंचाई: 14.4 फीट (4.4 मीटर)
  • खाली वजन: 29,300 पाउंड (13,300 किलोग्राम)
  • अधिकतम टेकऑफ वजन: 65,918 पाउंड (29,900 किलोग्राम)
  • इंजन: 1 × प्रैट एंड व्हिटनी एफ135-पीडब्ल्यू-100 आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन (28,000 पाउंड थ्रस्ट ड्राई, 43,000 पाउंड आफ्टरबर्नर के साथ)
  • अधिकतम स्पीड: 1976 किलोमीटर प्रति घंटा
  • कॉम्बैट रेंज: 1239 किलोमीटर इंटरनल फ्यूल पर
  • अधिकतम ऊंचाई: 50000 फीट (15,000 मीटर)
  • हथियार: 1 × 25 एमएम जीएयू-22/ए गन (180 राउंड), मिसाइल जैसे एआईएम-120 एएमआरएएम, बम जैसे जेडीएएम और पेववे. इंटरनल वेपन बे में 5,700 पाउंड तक लोड, एक्सटर्नल में 18,000 पाउंड.
  • एवियोनिक्स: एएन/एपीजी-81 एईएसए रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले.

ये जेट हमलों में सटीक बमबारी के लिए इस्तेमाल हुआ, जो स्टेल्थ की वजह से वेनेजुएला के एयर डिफेंस से बचा रहा.

इस्तेमाल किए गए हेलीकॉप्टर: एएच-64 अपाचे

कम ऊंचाई पर हमलों के लिए अमेरिका ने बोइंग एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर इस्तेमाल किए. ये अटैक हेलीकॉप्टर है, जो ग्राउंड टारगेट पर मिसाइल और गन से हमला करता है. गवाहों ने काराकस में इन्हें देखा. इसकी मुख्य स्पेसिफिकेशन हैं...

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  • लंबाई: 58 फीट 2 इंच (17.73 मीटर)
  • रोटर डायमीटर (पंखों का व्यास): 48 फीट 
  • ऊंचाई: 12 फीट 8 इंच (3.87 मीटर)
  • खाली वजन: 11,387 पाउंड (5,165 किलोग्राम)
  • अधिकतम टेकऑफ वजन: 23,000 पाउंड (10,433 किलोग्राम)
  • इंजन: 2 × जनरल इलेक्ट्रिक टी700-जीई-701 टर्बोशाफ्ट (1,690 हॉर्सपावर प्रत्येक, अपग्रेडेड 1,890 हॉर्सपावर)
  • अधिकतम स्पीड: 293 किलोमीटर प्रति घंटा
  • क्रूज स्पीड: 265 किलोमीटर प्रति घंटा
  • रेंज: 476 किलोमीटर लॉन्गबो रडार के साथ
  • सर्विस सीलिंग: 20,000 फीट 
  • हथियार: 1 × 30 एमएम एम230 चेन गन (1,200 राउंड), हार्डपॉइंट्स पर एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल, हाइड्रा 70 रॉकेट्स.
  • एवियोनिक्स: एएन/एपीजी-78 लॉन्गबो फायर-कंट्रोल रडार, हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले.

ये हेलीकॉप्टर सैन्य अड्डों पर करीब से हमला करने के लिए परफेक्ट हैं और रात में भी काम कर सकते हैं.

बोइंग CH-47 चिनूक हेलीकॉप्टर

अमेरिकी हमलों के वीडियो में अब बोइंग CH-47 चिनूक हेलीकॉप्टर भी नजर आए हैं. काराकस के आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते चिनूक दिख रहे हैं, जो सैनिकों को उतारने और भारी सामान ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. ये CH-47 चिनूक अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस के साथ ट्रूप्स लैंडिंग के लिए आए थे. ये हमले में अपाचे और अन्य हेलीकॉप्टरों के साथ मिलकर काम कर रहे थे. अमेरिकी आर्मी का ये मुख्य हेलीकॉप्टर है, और स्पेशल ऑपरेशंस में MH-47G वर्जन इस्तेमाल होता है.

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  • बोइंग CH-47 चिनूक की मुख्य स्पेसिफिकेशन  
  • लंबाई: 30.1 मीटर (98 फीट 10 इंच, रोटर सहित)
  • ऊंचाई: 5.7 मीटर (18 फीट 8 इंच)
  • रोटर डायमीटर (प्रत्येक): 18.3 मीटर (60 फीट)
  • खाली वजन: करीब 12,000 किलोग्राम
  • अधिकतम टेकऑफ वजन: 22,680 किलोग्राम  
  • इंजन:  2 × हनीवेल T55-GA-714A टर्बोशाफ्ट (प्रत्येक 4,733 हॉर्सपावर या 3,529 किलोवाट)
  • अधिकतम स्पीड: 315 किलोमीटर प्रति घंटा 
  • क्रूज स्पीड: 290 किलोमीटर प्रति घंटा
  • रेंज: 740 किलोमीटर (इंटरनल फ्यूल पर), एक्सटर्नल टैंक से ज्यादा
  • सर्विस सीलिंग (अधिकतम ऊंचाई): 20,000 फीट
  • क्षमता: 33-55 सैनिक (कॉन्फिगरेशन पर निर्भर), या 10,000 किलोग्राम तक कार्गो इंटरनल, एक्सटर्नल स्लिंग पर 12,700 किलोग्राम तक भारी सामान
  • हथियार: आमतौर पर अनआर्म्ड, लेकिन डिफेंस के लिए 2-3 मशीन गन (M240 या M134) लगाई जा सकती हैं
  • खास फीचर्स: टैंडेम रोटर (आगे-पीछे दो बड़े पंखे), नाइट विजन, इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग, डिजिटल कॉकपिट 

ये हेलीकॉप्टर रात में कम ऊंचाई पर उड़ने और स्पेशल ऑपरेशंस के लिए परफेक्ट है. वेनेजुएला हमले में इन्हें ट्रूप्स उतारने और सपोर्ट देने के लिए इस्तेमाल किया गया लगता है.

इस्तेमाल किए गए हथियार

हमलों में कई तरह के मिसाइल और बम इस्तेमाल हुए हो सकते हैं लेकिन मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मुख्य हैं...

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एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल (अपाचे से फायर)

  • लंबाई: 64 इंच (1.6 मीटर)
  • डायमीटर: 7 इंच (180 एमएम)
  • वजन: 100–108 पाउंड (45–49 किलोग्राम)
  • वारहेड: हाई-एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक, टैंडेम-चार्ज एंटी-आर्मर, ब्लास्ट फ्रैगमेंटेशन
  • इंजन: ठोस ईंधन रॉकेट
  • रेंज: 0.5 से 11 किलोमीटर
  • स्पीड: मैक 1.3 (1,601 किलोमीटर प्रति घंटा)
  • गाइडेंस: सेमी-एक्टिव लेजर होमिंग, मिलीमीटर-वेव रडार
  • ये मिसाइल टैंकों और बिल्डिंग्स को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल हुई.

जॉइंट डायरेक्ट अटैक मुनिशन (जेडीएएम) (एफ-35 से गिराए गए)

  • वेरिएंट: जीबीयू-31 (2,000 पाउंड), जीबीयू-32 (1,000 पाउंड), जीबीयू-38 (500 पाउंड)
  • वजन: 500 से 2,000 पाउंड (230 से 910 किलोग्राम)
  • गाइडेंस: जीपीएस और आईएनएस (इनर्शियल गाइडेंस)
  • एक्यूरेसी: जीपीएस के साथ 5 मीटर, बिना 30 मीटर
  • रेंज: 28 किलोमीटर तक
  • वारहेड: एमके 84 या बीएलयू-109 बम

ये सटीक बम हैं, जो मौसम खराब होने पर भी काम करते हैं।

जीबीयू-12 पेववे II बम (एफ-35 से)

  • लंबाई: 3.27 मीटर (10.7 फीट)
  • डायमीटर: 273 एमएम (10.7 इंच)
  • वजन: 230 किलोग्राम (510 पाउंड)
  • वारहेड: एमके 82 500 पाउंड जनरल-पर्पज बम
  • गाइडेंस: लेजर-गाइडेड
  • रेंज: 14.8 किलोमीटर (9.2 मील)

ये लेजर से निर्देशित बम है, जो सटीक निशाने पर गिरता है.

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