रूस का हाइपरसोनिक मिसाइल से यूक्रेन पर हमला... पुतिन के घर पर ड्रोन अटैक का बदला

रूस ने यूक्रेन के ल्विव क्षेत्र में नई हाइपरसोनिक ओरेशनिक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जो गैस स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया. मिसाइल की स्पीड 13 हजार किमी/घंटा और MIRV तकनीक वाली थी. यानी एक ही मिसाइल से कई टारगेट हिट किए गए. रूस ने इसे पुतिन निवास पर कथित ड्रोन हमले का बदला बताया, जिसे यूक्रेन-अमेरिका ने खारिज किया था.

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पुतिन के घर पर हमले का बदला लेने के लिए रूस ने यूक्रेन में एक बार फिर हाइपरसोनिक मिसाइल ओरेश्निक से हमला किया. (Photo: Russian MOD) पुतिन के घर पर हमले का बदला लेने के लिए रूस ने यूक्रेन में एक बार फिर हाइपरसोनिक मिसाइल ओरेश्निक से हमला किया. (Photo: Russian MOD)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST

रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसने यूक्रेन पर अपनी नई इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) ओरेश्निक (Oreshnik) का इस्तेमाल किया है. यह मिसाइल का युद्ध में दूसरी बार उपयोग है. पहली बार नवंबर 2024 में डिनप्रो शहर पर हमला किया गया था.

इस बार हमला यूक्रेन के पश्चिमी ल्विव क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड गैस स्टोरेज फैसिलिटी पर हुआ, जिससे क्षेत्र में गैस सप्लाई प्रभावित हुई. रूस ने इसे बदले की कार्रवाई बताया, जबकि यूक्रेन और अमेरिका ने रूसी दावों को खारिज किया.

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यहां नीचे देखें हमले का वीडियो 

हमला कब और क्यों हुआ?

रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला पिछले महीने (दिसंबर 2025) यूक्रेन द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निवास स्थान पर ड्रोन हमले का बदला था. रूस ने दावा किया कि यूक्रेन ने पुतिन के नवगोरोड क्षेत्र वाले घर पर हमला करने की कोशिश की थी. लेकिन यूक्रेन ने इसे पूरी तरह नकार दिया है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि ऐसा कोई हमला नहीं हुआ.

हमले का समय: 8-9 जनवरी 2026 की रात को बड़ा हमला हुआ, जिसमें 242 ड्रोन और 36 मिसाइलें शामिल थीं. इनमें ओरेश्निक मिसाइल भी थी.

टारगेट: रूस ने कहा कि क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (महत्वपूर्ण ढांचा) को निशाना बनाया. लोकल मीडिया और रूसी ब्लॉगर्स के अनुसार स्ट्राई (Stryi) शहर के पास अंडरग्राउंड गैस स्टोरेज फैसिलिटी हिट हुई. यह यूक्रेन की सबसे बड़ी गैस स्टोरेज साइट्स में से एक है, जो ल्विव शहर से 66 किमी और पोलैंड बॉर्डर से 75 किमी दूर है.

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असर: हमले के बाद ल्विव ओब्लास्ट में गैस प्रेशर गिर गया. कई इलाकों में गैस सप्लाई लगभग बंद हो गई. यूक्रेन की एयर फोर्स ने पुष्टि की कि मिसाइल बैलिस्टिक अपनी ट्रैजेक्टरी पर 13000 किमी/घंटा की स्पीड से उड़ी. यह हमला ठंड के मौसम में यूक्रेन की एनर्जी सप्लाई को नुकसान पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा लगता है.

ओरेश्निक मिसाइल की विशेषताएं 

ओरेश्निक (रूसी में हेजल ट्री) रूस की सबसे आधुनिक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है. यह RS-26 रुबेज या यार्स ICBM की तकनीक पर आधारित है. मुख्य विशेषताएं... 

  • टाइप: इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM), मोबाइल (ट्रक पर लॉन्च) और सॉलिड फ्यूल वाली.
  • स्पीड: हाइपरसोनिक 12-13 हजार किमी/घंटा). 
  • रेंज: 3000 से 5500 किमी तक. 
  • वॉरहेड्स: MIRV तकनीक (Multiple Independently Targetable Reentry Vehicles) – एक मिसाइल में 3 से 6 अलग-अलग वारहेड्स, जो अलग-अलग टारगेट्स पर हमला कर सकते हैं. हर वॉरहेड में सबम्यूनिशन्स (छोटे बम) हो सकते हैं.
  • न्यूक्लियर क्षमता: न्यूक्लियर और कन्वेंशनल दोनों वॉरहेड्स ले जा सकती है. पुतिन ने दावा किया कि कन्वेंशनल वॉरहेड्स से भी न्यूक्लियर जैसी तबाही मचा सकती है.
  • इंटरसेप्शन: पुतिन के अनुसार इसे रोकना असंभव है क्योंकि स्पीड बहुत ज्यादा और वॉरहेड्स मैन्यूवर कर सकते हैं.
  • खास बात: युद्ध में MIRV वाली मिसाइल का दूसरा इस्तेमाल (पहला भी ओरेश्निक ही था). आमतौर पर MIRV न्यूक्लियर ICBMs में होती है.

यह मिसाइल रूस की नई पीढ़ी की हथियार है, जो पश्चिमी देशों को चेतावनी देने के लिए बनाई गई है.

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हमले का प्रभाव और चिंताएं

  • यूक्रेन पर: ल्विव क्षेत्र में गैस स्टोरेज हिट होने से सर्दी में हीटिंग और एनर्जी क्राइसिस बढ़ सकता है. कीव में भी ड्रोन हमलों से 4 लोग मारे गए और कई घायल.
  • यूरोप पर: फैसिलिटी पोलैंड बॉर्डर के करीब है, इसलिए NATO और EU को खतरा महसूस हो रहा. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि यह यूरोपीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है.
  • रूस का संदेश: यह हमला पुतिन की धमकी का हिस्सा लगता है – यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें देने वाले देशों को चेतावनी.
  • दुनिया की प्रतिक्रिया: अमेरिका और यूक्रेन ने रूसी दावों को झूठा बताया. विशेषज्ञ कहते हैं कि यह हमला रूस की फ्रस्ट्रेशन दिखाता है, लेकिन बैटलफील्ड पर बड़ा बदलाव नहीं लाएगा.

ओरेश्निक का इस्तेमाल रूस की तकनीकी ताकत दिखाने और यूक्रेन की एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को कमजोर करने की कोशिश है. लेकिन यह युद्ध को और खतरनाक बना सकता है. आने वाले दिनों में और हमलों की आशंका है.

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