पाकिस्तान ने अपनी नई स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल की टेस्टिंग की, देखिए Video

पाकिस्तान नौसेना ने अपनी स्वदेशी एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. वॉरशिप से छोड़ी गई मिसाइल ने टारगेट को तेज गति और सटीकता से मारा. इसमें एडवांस नेविगेशन है. जो खतरे को टालकर हमला करती है. यानी एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम को धोखा दे सकती है.

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ये है पाकिस्तान की नई एंटी-शिप मिसाइल की तस्वीर. (Photo: X/ISPR) ये है पाकिस्तान की नई एंटी-शिप मिसाइल की तस्वीर. (Photo: X/ISPR)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:10 PM IST

पाकिस्तान नौसेना ने खुद विकसित की गई एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल युद्धपोत से छोड़ी जाती है. दूर तक मौजूद लक्ष्यों को नष्ट कर सकती है. यह परीक्षण पाकिस्तान नौसेना की तैयारी और सटीक हमले की क्षमता को दिखाता है. मिसाइल ने तेज गति से लंबी दूरी पर टारगेट को सटीक निशाना लगाया. 

इस लाइव हथियार परीक्षण के दौरान पाकिस्तान नौसेना के चीफ एडमिरल नवेद अशरफ खुद मौजूद थे. उनके साथ देश के प्रमुख वैज्ञानिक और इंजीनियर भी थे. सबने मिसाइल के छूटने और लक्ष्य को भेदने का पूरा नजारा देखा.

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यह मिसाइल स्वदेशी है यानी पाकिस्तान में ही बनाई गई है. इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम है. यह बीच रास्ते में ही अपनी दिशा बदल सकती है. इससे दुश्मन के खतरे से बचना, बदलती परिस्थितियों में खुद को ढालना और सटीक हमला करना आसान हो जाता है.  

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मिसाइल की खास बातें और महत्व

यह मिसाइल समुद्र में चलने वाले जहाजों और जमीन पर मौजूद लक्ष्यों दोनों को बहुत सटीकता से निशाना बना सकती है. इसमें लगी टेक्नोलॉजी इतनी उन्नत है कि मिसाइल खतरे को टालते हुए भी सही जगह पर जाकर हमला कर देती है. यह परीक्षण पाकिस्तान नौसेना की तकनीकी उत्कृष्टता और व्यावहारिक विशेषज्ञता का मेल है. इससे साबित होता है कि देश अब अपने हथियार खुद बना रहा है. उसमें कोई कमी नहीं छोड़ी गई है.  

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इससे पूरे इलाके में समुद्री सुरक्षा मजबूत होती है. परीक्षण की सफलता पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर समेत सभी सर्विस चीफ्स ने सैनिकों और वैज्ञानिकों की तारीफ की. 

इससे पहले नवंबर 2025 में भी इसी मिसाइल का परीक्षण किया गया था. अब दोबारा सफलता मिलने से साबित हो गया है कि पाकिस्तान नौसेना लगातार अपनी क्षमताओं को बेहतर बना रही है. 

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