अमेरिकी नेवी ने 19 अप्रैल को अरब सागर में एक बड़ा कदम उठाया. गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रूएंस (DDG 111) ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज एमवी तूस्का को रोक लिया. यह जहाज 27 km/hr की गति से ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट की तरफ जा रहा था. अमेरिकी बलों ने कई बार चेतावनी दी कि यह जहाज यूएस ब्लॉकेड तोड़ रहा है. छह घंटे तक चेतावनी देने के बाद भी क्रू ने नहीं माना तो स्प्रूएंस ने जहाज के इंजन रूम को खाली करवाया.
अपनी 5-इंच MK 45 गन से कई राउंड फायर करके इंजन रूम को निशाना बनाया. इससे जहाज की प्रोपल्शन बंद हो गई. बाद में 31स्ट मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के मरीन्स ने बोर्डिंग की और जहाज अब अमेरिकी कस्टडी में है. अमेरिकी बलों ने कहा कि उन्होंने सब कुछ सोच-समझकर, प्रोफेशनल तरीके से और जरूरत के हिसाब से किया. ब्लॉकेड शुरू होने के बाद से अब तक 25 कॉमर्शियल जहाजों को वापस भेज दिया गया है.
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MK 45 गन क्या है और यह क्यों इतनी खास है?
MK 45 गन अमेरिकी नेवी की एक बहुत पॉपुलर और पावरफुल नौसेना की तोप है. इसे 5-इंच या 127 मिलीमीटर कैलिबर की गन भी कहते हैं. यह गन हल्की, आसानी से मेंटेन होने वाली और आधुनिक है. इसे पुरानी MK 42 गन की जगह 1971 में लाया गया था. MK 45 गन का इस्तेमाल मुख्य रूप से दुश्मन के जहाजों, हवाई हमलों और जमीन पर टारगेट को मारने के लिए किया जाता है. यह पूरी तरह ऑटोमैटिक है, यानी माउंट पर कोई इंसान नहीं रहता.
नीचे डेक पर सिर्फ 6 लोगों की टीम होती है जो गन को कंट्रोल करती है. गन को MK 86 या MK 160 गन फायर कंट्रोल सिस्टम से रिमोट से चलाया जाता है. स्प्रूएंस जैसे अर्ले बर्क क्लास डेस्ट्रॉयर पर यह गन आगे की तरफ लगी होती है. यह गन इतनी सटीक है कि छोटे-छोटे टारगेट को भी निशाना बना सकती है, जैसे तूस्का के इंजन रूम को बिना बड़े नुकसान के या किसी के घायल हुए बनाया.
MK 45 गन की पूरी स्पेसिफिकेशन
MK 45 गन की की कैलिबर 5 इंच यानी 127 मिलीमीटर है. बैरल की लंबाई 54 कैलिबर है, यानी 270 इंच या करीब 6.86 मीटर लंबा. पूरी गन की लंबाई 8.99 मीटर है. इसका वजन करीब 21,691 किलोग्राम या 22 टन के आसपास है. गोले 31.75 किलोग्राम के होते हैं.
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गन -15 डिग्री से +65 डिग्री तक ऊपर-नीचे घूम सकती है. 170 डिग्री तक बाएं-दाएं घूम सकती है. रेट ऑफ फायर यानी प्रति मिनट 16 से 20 गोले दाग सकती है. सामान्य गोले से यह करीब 24 किलोमीटर दूर तक मार सकती है. कुछ एडवांस्ड वर्जन में रेंज और बढ़ जाती है.
डेस्ट्रॉयर पर 600 गोले तक रखे जा सकते हैं. गन में 20 राउंड का ऑटो लोडर है जो बहुत तेजी से गोले भरता है. MK 45 मॉड 2 वर्जन स्प्रूएंस जैसे डेस्ट्रॉयर पर इस्तेमाल होता है. यह गन हल्की है. वाटरप्रूफ है. ठंडे मौसम में भी काम करती है. इसे BAE सिस्टम्स कंपनी ने बनाया है. यह गन सिर्फ जहाजों पर नहीं, बल्कि एंटी-एयर, एंटी-सर्फेस और लैंड अटैक के लिए भी यूज होती है.
अमेरिकी नेवी ने कितनी दूरी से से फायर किया?
तूस्का पर MK 45 गन से गोली चलाने की सटीक दूरी अमेरिकी नेवी या सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है. रिपोर्ट्स में सिर्फ इतना कहा गया है कि स्प्रूएंस ने जहाज को इंजन रूम खाली करने का ऑर्डर दिया और फिर कई राउंड फायर किए. चूंकि यह प्रोपल्शन यानी इंजन को डिसेबल करने के लिए था और कोई बड़ा नुकसान या आग नहीं लगी, इसलिए गोली बहुत सटीक और नजदीकी दूरी से चलाई गई होगी.
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नेवल ब्लॉकेड में आमतौर पर डेस्ट्रॉयर टारगेट जहाज के पास आकर चेतावनी देता है. MK 45 गन की रेंज 24 किलोमीटर तक है लेकिन सटीक निशाना लगाने के लिए 1 से 5 किलोमीटर या उससे कम दूरी पर फायर किया जाता है. वीडियो और रिपोर्ट्स से लगता है कि स्प्रूएंस तूस्का के काफी करीब था.
ठीक दूरी न बताए जाने का कारण सुरक्षा और ऑपरेशनल सीक्रेट हो सकता है. लेकिन इतना साफ है कि गन ने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए सिर्फ इंजन रूम को हिट किया, जो MK 45 की सटीकता को दिखाता है.
MK 45 गन का नेवी में महत्व और यह घटना क्यों याद रहेगी?
MK 45 गन अमेरिकी नेवी का बहुत पुराना और भरोसेमंद हथियार है. हर अर्ले बर्क क्लास डेस्ट्रॉयर पर यह लगी होती है. यह गन सिर्फ गोले नहीं चलाती बल्कि युद्ध में कई तरह के काम करती है. तूस्का वाली घटना में इस गन ने दिखाया कि बिना मिसाइल या बड़े हथियार के भी छोटे-छोटे काम कैसे किए जा सकते हैं.
ऋचीक मिश्रा