ईरान की नई मिसाइल की रेंज में यूरोप के कई शहर, पूरा इजरायल और अमेरिकी बेस... जानिए कितनी खतरनाक

ईरान की IRGC ने नई बैलिस्टिक मिसाइल खोर्रमशहर-4 को दुनिया के सामने पेश किया. रेंज 2000 किमी है. वॉरहेड 1500 किग्रा है. हाइपरसोनिक स्पीड और मैन्यूवर क्षमता से डिफेंस सिस्टम को चकमा देगी. भूमिगत मिसाइल सिटी में तैनाती की गई है. ईरान की नीति अब डिफेंसिव से ऑफेंसिव की ओर बढ़ रही है. इजरायल-अमेरिका के लिए खतरा बढ़ गया है.

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ये है ईरान की खोर्रमशहर-4 मिसाइल जिसका टेस्ट हाल ही में किया गया. (Photo: AP) ये है ईरान की खोर्रमशहर-4 मिसाइल जिसका टेस्ट हाल ही में किया गया. (Photo: AP)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक नई अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी बनाई है. इसके साथ ही एडवांस बैलिस्टिक मिसाइल खोर्रमशहर-4 को पूरी तरह ऑपरेशनल मोड में दिखाया. यह मिसाइल 2000 किलोमीटर की रेंज और 1500 किलोग्राम वजनी वॉरहेड के साथ ईरान की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा किया है.  

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खोर्रमशहर-4 की मुख्य खासियतें

  • रेंज: 2000 km – इससे मध्य पूर्व के कई देश, इजरायल और यूरोप के कुछ हिस्से निशाने पर आ सकते हैं.
  • वॉरहेड: 1500 किलोग्राम – इतना भारी वॉरहेड बड़े पैमाने पर विनाश करने में सक्षम है.
  • सटीकता: करीब 30 मीटर – यानी बहुत सटीक हमला कर सकती है.
  • गति और चालाकी: हाइपरसोनिक स्पीड और मैन्यूवर करने की क्षमता है. इससे दुश्मन का मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जैसे इजरायल की आयरन डोम) को चकमा देना आसान हो जाता है.
  • पेनेट्रेशन क्षमता: मजबूत बंकरों और सुरक्षित ठिकानों को भेदने में सक्षम.
  • ईंधन: लिक्विड फ्यूल – पहले के संस्करणों की तरह, लेकिन अब ज्यादा एडवांस.

ईरान ने इसे एक्टिव डिटरेंस का प्रमुख हथियार बताया यानी अब सिर्फ बचाव नहीं, बल्कि तेज जवाबी हमला करने की रणनीति अपनाई जाएगी.

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नई मिसाइल सिटी क्या है?

IRGC ने एक नई अंडरग्राउंड फैसिलिटी का उद्घाटन किया, जिसे मिसाइल सिटी कहा जा रहा है. यह पूरी तरह भूमिगत है. यहां मिसाइलें बनाई, स्टोर की और लॉन्च की जा सकती हैं. ऐसी सुविधाएं दुश्मन के हवाई हमलों से सुरक्षित रहती हैं. ईरान के पास पहले से कई ऐसी भूमिगत बेस हैं, जो उसकी मिसाइल ताकत को छिपाकर रखती हैं. इस अनावरण से ईरान ने साफ संदेश दिया कि उसकी सैन्य तैयारियां बहुत मजबूत हैं. 

खोर्रमशहर सीरीज ईरान की पुरानी मिसाइलों का एडवांस वर्जन है. पहले के वर्जन (खोर्रमशहर-1 से 3) भी 2000 किमी रेंज वाले थे. लेकिन नई मिसाइल में सटीकता, गति और पेनेट्रेशन में बड़ा सुधार है. 

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  • ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है.
  • पिछले साल जून में दोनों देशों के बीच 12 दिनों का युद्ध हुआ था.
  • अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु समझौते और मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत चल रही है.

ईरान का कहना है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम सिर्फ रक्षा के लिए है, लेकिन इजरायल और अमेरिका इसे क्षेत्रीय खतरा मानते हैं. ईरान के पास मध्य पूर्व का सबसे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल स्टोर है – 2000-3000 मिसाइलें. 

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क्षेत्रीय और वैश्विक असर

  • इजरायल के लिए खतरा: 2000 किमी रेंज से पूरा इजरायल कवर हो जाता है. हाइपरसोनिक और मैन्यूवरेबल होने से इसे रोकना मुश्किल होगा. 
  • अमेरिका की चिंता: अमेरिकी बेस मध्य पूर्व में निशाने पर आ सकते हैं.
  • क्षेत्रीय संतुलन: सऊदी अरब, UAE जैसे देश भी अपनी डिफेंस बढ़ा रहे हैं.
  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: अमेरिका और इजरायल ने इसे उकसावा बताया. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध हैं, लेकिन ईरान इन्हें मानता नहीं.

आगे क्या?

यह मिसाइल ईरान के प्रतिरोध नीति का प्रतीक है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है. ईरान ने साफ कहा कि कोई भी खतरा आएगा तो तेज और मजबूत जवाब दिया जाएगा.दुनिया भर की नजरें अब इस पर हैं कि अमेरिका और इजरायल इसका जवाब कैसे देते हैं.  

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