ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक नई अंडरग्राउंड मिसाइल सिटी बनाई है. इसके साथ ही एडवांस बैलिस्टिक मिसाइल खोर्रमशहर-4 को पूरी तरह ऑपरेशनल मोड में दिखाया. यह मिसाइल 2000 किलोमीटर की रेंज और 1500 किलोग्राम वजनी वॉरहेड के साथ ईरान की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा किया है.
यह भी पढ़ें: तनाव के बीच ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों पर किया बड़ा ऐलान... अमेरिका के लिए चुनौती
खोर्रमशहर-4 की मुख्य खासियतें
ईरान ने इसे एक्टिव डिटरेंस का प्रमुख हथियार बताया यानी अब सिर्फ बचाव नहीं, बल्कि तेज जवाबी हमला करने की रणनीति अपनाई जाएगी.
नई मिसाइल सिटी क्या है?
IRGC ने एक नई अंडरग्राउंड फैसिलिटी का उद्घाटन किया, जिसे मिसाइल सिटी कहा जा रहा है. यह पूरी तरह भूमिगत है. यहां मिसाइलें बनाई, स्टोर की और लॉन्च की जा सकती हैं. ऐसी सुविधाएं दुश्मन के हवाई हमलों से सुरक्षित रहती हैं. ईरान के पास पहले से कई ऐसी भूमिगत बेस हैं, जो उसकी मिसाइल ताकत को छिपाकर रखती हैं. इस अनावरण से ईरान ने साफ संदेश दिया कि उसकी सैन्य तैयारियां बहुत मजबूत हैं.
खोर्रमशहर सीरीज ईरान की पुरानी मिसाइलों का एडवांस वर्जन है. पहले के वर्जन (खोर्रमशहर-1 से 3) भी 2000 किमी रेंज वाले थे. लेकिन नई मिसाइल में सटीकता, गति और पेनेट्रेशन में बड़ा सुधार है.
यह भी पढ़ें: ISRO की चेतावनी... सौर तूफान से 50 भारतीय सैटेलाइट्स को खतरा! ये होगा असर
ईरान का कहना है कि उसका मिसाइल कार्यक्रम सिर्फ रक्षा के लिए है, लेकिन इजरायल और अमेरिका इसे क्षेत्रीय खतरा मानते हैं. ईरान के पास मध्य पूर्व का सबसे बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल स्टोर है – 2000-3000 मिसाइलें.
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
आगे क्या?
यह मिसाइल ईरान के प्रतिरोध नीति का प्रतीक है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है. ईरान ने साफ कहा कि कोई भी खतरा आएगा तो तेज और मजबूत जवाब दिया जाएगा.दुनिया भर की नजरें अब इस पर हैं कि अमेरिका और इजरायल इसका जवाब कैसे देते हैं.
ऋचीक मिश्रा