चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी, भारत बनाएगा क्रिटिकल मिनरल्स का स्ट्रैटेजिक रिजर्व

भारत के डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि मौजूदा स्टॉक्स को भविष्य में बेहतर ढंग से उपयोग किया जा सकता है. चीन की सप्लाई पर निर्भरता घटाने के लिए भारत म्यांमार की माइन्स से भी संसाधन जुटाने की कोशिश कर रहा है.

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रेयर अर्थ मिनरल्स का डिफेंस सेक्टर में बहुत इस्तेमाल होता है. (Photo: Getty) रेयर अर्थ मिनरल्स का डिफेंस सेक्टर में बहुत इस्तेमाल होता है. (Photo: Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:35 AM IST

भारत आने वाले समय में डिफेंस प्रोडक्शन को मजबूत करने के लिए एक नया कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. सरकार "क्रिटिकल मिनरल्स और मेटल्स का स्ट्रैटेजिक रिज़र्व" बनाने पर विचार कर रही है. यह रिजर्व उस समय काम आएगा जब किसी इमरजेंसी में डिफ़ेंस सेक्टर को तत्काल जरूरत हो और सामान्य सप्लाई चैन प्रभावित हो.

यह जानकारी भारत के डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने नई दिल्ली में हुए एक मीडिया इवेंट के दौरान दी. उन्होंने कहा कि भारत के पास क्रिटिकल मिनरल्स का अच्छा-खासा स्टॉक पहले से मौजूद है और भविष्य में इसे और बेहतर ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है.

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हालांकि, डिफेंस सेक्रेटरी के दफ्तर ने इस रिपोर्ट पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इसे स्वतंत्र रूप से वेरिफाई नहीं किया जा सका है.

म्यांमार की रेयर-अर्थ माइन्स से संसाधन जुटाने की कोशिस

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत अपनी सप्लाई चैन को चीन पर निर्भरता से बचाने की कोशिश कर रहा है. इसी सिलसिले में भारत ने म्यांमार की रेयर-अर्थ माइन्स से संसाधन जुटाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. खास बात यह है कि इसके लिए भारत ने म्यांमार के कचिन इंडिपेंडेंस आर्मी के साथ भी बातचीत की है, जो एक असामान्य लेकिन रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

चीन के रेयर-अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध

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चीन इस साल से प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को प्रोसेस्ड रेयर-अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग इस तरह का कदम उठाकर अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड वॉर में भू-राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.

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भारत के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण भी है और अवसर भी. चुनौती इसलिए कि चीन जैसे बड़े खिलाड़ी ने एक्सपोर्ट पर रोक लगाई है और अवसर इसलिए कि भारत अपने संसाधनों का इस्तेमाल और नए सोर्सेज़ ढूंढकर भविष्य के लिए मजबूत तैयारी कर सकता है.

क्या होते हैं रेयर-अर्थ मिनरल्स और इसका क्या इस्तेमाल होता है?

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रेयर-अर्थ एलिमेंट्स, लिथियम, कोबाल्ट और निकल अहम भूमिका निभाते हैं. इनका इस्तेमाल हाई-टेक वेपन सिस्टम, कम्युनिकेशन डिवाइसेज़ और एडवांस टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स बनाने में होता है. ऐसे में भारत का यह फैसला न केवल डिफेंस इंडस्ट्री को सुरक्षित बनाएगा बल्कि वैश्विक सप्लाई चैन में भी देश की पोजीशन मजबूत कर सकता है.

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