देश की रक्षा में अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले और अदम्य साहस का परिचय देने वाले जांबाज वीर जवानों को राष्ट्रपति भवन में सम्मानित किया गया. देश की सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस कर्मियों को उनकी अद्वितीय वीरता, उत्कृष्ट साहस और कर्तव्य के प्रति सर्वोच्च समर्पण के लिए वीरता पुरस्कारों (Gallantry Awards) से सम्मानित किया.
राष्ट्रपति ने कुल 7 कीर्ति चक्र (2 मरणोपरांत), 15 वीर चक्र (3 मरणोपरांत) और 29 शौर्य चक्र (1 मरणोपरांत) प्रदान किए. ये पुरस्कार उन जांबाज जवानों को दिए गए जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह न करते हुए अग्रिम मोर्चे पर रहकर देश की संप्रभुता की रक्षा की.
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कीर्ति चक्र और वीर चक्र: साहस की पराकाष्ठा को नमन
समारोह के पहले चरण में शांति काल के दूसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार 'कीर्ति चक्र' और युद्ध काल के महत्वपूर्ण सम्मान 'वीर चक्र' से जवानों को अलंकृत किया गया. इस बार कुल 7 कीर्ति चक्र दिए गए, जिनमें से 2 वीर जवानों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया. जब इन शहीदों के परिजनों ने राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और गर्व के आंसुओं से भर गया.
अदम्य साहस और युद्ध जैसी परिस्थितियों में दुश्मन के छक्के छुड़ाने के लिए 15 जांबाज जवानों को 'वीर चक्र' से नवाजा गया, जिनमें से 3 जवानों को यह सम्मान मरणोपरांत मिला. इन वीरों ने सीमा पर घुसपैठ विरोधी अभियानों और आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए लाइव ऑपरेशन्स में अभूतपूर्व वीरता का परिचय दिया था.
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शौर्य चक्र: आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ असाधारण वीरता
इस समारोह में 29 शौर्य चक्र भी प्रदान किए गए. शौर्य चक्र देश का तीसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो दुश्मनों के सामने असाधारण वीरता और आत्म-बलिदान के लिए दिया जाता है. इस वर्ष दिए गए 29 शौर्य चक्रों में से 1 पदक मरणोपरांत दिया गया.
ये सम्मान पाने वालों में भारतीय सेना के जवानों के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और विभिन्न राज्यों के आतंकवाद विरोधी दस्ते व पुलिस बल के जवान शामिल रहे. इन जांबाज सुरक्षाकर्मियों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खात्मे, पूर्वोत्तर में उग्रवाद के खिलाफ अभियानों और देश के आंतरिक हिस्सों में नक्सलियों के खिलाफ चले कठिन ऑपरेशन्स में अपनी वीरता का लोहा मनवाया था.
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शिवानी शर्मा