फेसबुक के जरिए करता था ठगी, एसटीएफ ने दबोचा विदेशी नटवरलाल

यूपी एसटीएफ ने एक ऐसे विदेशी नटवरलाल को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक पर हैंडसम, स्मार्ट युवकों की तस्वीरें लगाकर महिलाओं से दोस्ती करता था. फिर उन महिलाओं को अपनी मोहब्बत के जाल में फंसाकर उन्हें ठग लेता था. पकड़ा गया शातिर ठग एक नाइजीरियन है.

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पुलिस पकड़े गए विदेशी आरोपी से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है पुलिस पकड़े गए विदेशी आरोपी से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है

परवेज़ सागर / राम किंकर सिंह

  • नोएडा,
  • 28 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 2:38 PM IST

यूपी एसटीएफ ने एक ऐसे विदेशी नटवरलाल को गिरफ्तार किया है, जो फेसबुक पर हैंडसम, स्मार्ट युवकों की तस्वीरें लगाकर महिलाओं से दोस्ती करता था. फिर उन महिलाओं को अपनी मोहब्बत के जाल में फंसाकर उन्हें ठग लेता था. पकड़ा गया शातिर ठग एक नाइजीरियन है.

अफ्रीकी मूल के मार्क पौवेल उर्फ मोरेल ने हैंडसम लड़का बनकर महिलाओं से ना केवल दोस्ती की बल्कि उन्हें लाखों का चूना भी लगाया. यूपी एसटीएफ के साइबर क्राइम हेड त्रिवेणी सिंह ने बताया कि ये शख्स फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से राष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले नाइजीरियन गैंग का खास खिलाड़ी है.

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एसटीएफ ने उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं. मोरेल अफ्रीका के स्ट्रीट बेनिटो स्टेट का रहने वाला है, वह दिल्ली की विश्वकर्मा कॉलोनी, बदरपुर में रहता था.

महिला ने दर्ज कराया था मुकदमा

दरअसल, मार्च 2017 में बेंगलुरु के थाना बेलदूरू में सुजाता नाम की एक महिला ने मुकदमा दर्ज कराया था कि मार्क पौवेल से उसकी मुलाकात मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर हुई थी. उसने महिला को बताया कि वह नार्वे की एक पेट्रोलियम कंपनी में काम करता है और वह भारत आ रहा है.

क्लीयरेंस के नाम पर ली रकम

इसके बाद उसने महिला से कस्टम क्लीयरेंस और डॉलर क्लीयरेंस के नाम पर करीब साढ़े 5 लाख रूपये ठग लिए. पुलिस को जांच में पता लगा कि जिस बैंक खाते में पैसे डाले गए थे, वो गाजियाबाद का है. पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि मार्क पौवेल दिल्ली में अपने साथी से मिलने आने वाला है. बस उसी सूचना के आधार पर जाल बिछाकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

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विदेशी ठग ऐसे लगाते हैं चूना

गिरफ्तार आरोपी ने खुलासा किया कि ये लोग ज्यादातर अकाउंट नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के नाम पर लेते हैं. क्योंकि उनके नाम विदेशियों से मिलते जुलते हैं. इसलिए उन पर कोई शक नहीं करता. उसने बताया कि 10 प्रतिशत कमीशन वो अकाउंट वाले को देते हैं और एटीएम से सारा पैसा निकाल लेते हैं.

चेहरा छिपाकर एटीएम से निकालते हैं पैसे

पैसा निकालते समय वे इस बात का ख्याल रखते हैं कि वहां का कैमरा खराब हो या सीसीटीवी ठीक ना हो. एटीएम में जाते वक्त वे चेहरा ढ़क लेते हैं, या फिर हेलमेट लगा लेते हैं. इस गिरोह के फेसबुक के जरिए ही शिकार ढूंढ़ते हैं और फिर बल्क में मैसेज भेजते हैं. जितने मोबाइल सिम का प्रयोग करते हैं, वो सभी फर्जी पते और आईडी पर होते हैं. ऐसा सिम 500 रूपये में मिल जाता है. ये लोग फेसबुक मैसेंजर से ही बात करते थे. पुलिस फेसबुक से डिटेल मंगवा रही है. पुलिस को ये भी पता लगा है कि इस अफ्रीकन नेटवर्क में कई भारतीय लड़कियां भी शामिल हैं जो कमीशन बेस पर रखी गई हैं.

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