सूरजकुंड घूमने गए JNU छात्रों से मारपीट, छात्रा से रेप की कोशिश

उनकी बाइक कैब के पीछे चल रही थी. कैब कुछ आगे निकल गई, इसी दौरान चार कार सवार युवकों ने बाइक रोक ली. उन्होंने तीनों पर गाय चोरी के लिए वहां आने का आरोप लगाया और उनकी पिटाई करने लगे.

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पीड़ित छात्रों ने फरीदाबाद कमिश्नर से की शिकायत पीड़ित छात्रों ने फरीदाबाद कमिश्नर से की शिकायत

राहुल सिंह / पुनीत शर्मा

  • फरीदाबाद,
  • 18 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 8:34 AM IST

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड घूमने गए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के दो छात्रों और एक छात्रा से कार सवार चार युवकों ने मारपीट की. इस दौरान एक आरोपी ने छात्रा से रेप की भी कोशिश की. आरोपियों ने उन्होंने गाय चुराने वाला बताते हुए उनसे मारपीट की.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त की शाम जेएनयू के 6 छात्र और एक छात्रा सूरजकुंड स्थित भारद्वाज झील घूमने निकले थे. चार छात्रों ने किराए पर कैब ली थी, जबकि दीपांकर, सूर्य प्रताप और पीड़ित छात्रा एक बाइक पर निकले थे. रात करीब साढ़े 9 बजे वह दिल्ली के लिए वापस चले.

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चार युवकों ने रोक ली बाइक

उनकी बाइक कैब के पीछे चल रही थी. कैब कुछ आगे निकल गई, इसी दौरान चार कार सवार युवकों ने बाइक रोक ली. उन्होंने तीनों पर गाय चोरी के लिए वहां आने का आरोप लगाया और उनकी पिटाई करने लगे. दीपांकर, सूर्य प्रताप और द्वारा खुद को जेएनयू का छात्र बताने पर आरोपी और ज्यादा गुस्से में आ गए.

छात्रा से की रेप की कोशिश

इसी बीच एक आरोपी छात्रा से रेप करने की नीयत से उसे जबरन जंगलों की ओर ले जाने लगा. पीछे से बाइक न आती देख कैब सवार छात्रों ने ड्राइवर से वापस चलने को कहा. वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि कुछ युवक उनके साथियों से मारपीट कर रहे हैं. छात्रों ने फौरन पास के गांव जाकर मदद मांगी.

पुलिस ने दर्ज नहीं की FIR

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लोगों को आता देख चारों युवक वहां से भाग निकले. आरोप है कि देर रात ही छात्र शिकायत दर्ज कराने सूरजकुंड थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनकी FIR दर्ज नहीं की. जिसके बाद वह लोग दिल्ली पहुंचे और फिर दिल्ली पुलिस को दी. वसंत कुंज पुलिस ने पीड़ित छात्रों का मेडिकल कराया और जीरो FIR दर्ज कर रिपोर्ट सूरजकुंड थाने में भेज दी.

फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर से की शिकायत

गुरुवार को सभी छात्रों ने फरीदाबाद पुलिस आयुक्त को घटनाक्रम की जानकारी देते हुए शिकायत की. उन्होंने कमिश्नर को बताया कि थानाध्यक्ष ने शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें डरा-धमकाकर यह लिखवा लिया कि वह दोबारा सुनसान जगह पर देर रात घूमने नहीं आएंगे. कमिश्नर ने पीड़ित छात्रों को दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

 

 

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