जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से लापता 26 वर्षीय छात्रा गुरुवार को वापस लौट आई. वह बीते 10 मार्च से लापता थी. पुलिस ने बताया कि घटना तब प्रकाश में आई जब छात्रा के परिजनों ने 12 मार्च को वसंत कुंज पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी.
पुलिस ने बताया कि छात्रा आज वापस लौट आई. वह पूरी तरह स्वस्थ्य है. वह कहीं अपने मन से कहीं बाहर गई थी. उससे पूछताछ की जा जारी है. छात्रा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की छात्रा है. उसने 10 मार्च को अपने परिवार से बात की थी.
छात्रा मूल रूप से गाजियाबाद की रहने वाली है. 10 मार्च को उसने अपने परिजनों से आखिरी बातचीत में बताया था कि वह अपने दोस्तों के साथ बाहर खाना खाने जा रही है. परिजनों ने 11 मार्च की सुबह उसे कॉल करने की कोशिश की, तो उसका नंबर स्विच ऑफ मिला. उससे कोई संपर्क नहीं हो सका.
इसके बाद से छात्रा का भाई और पिता उसे तलाश करने और उसकी खैरियत जानने के लिए जेएनयू कैंपस के अंदर उसके हॉस्टल में भी गए लेकिन उसका कमरा बंद मिला. उसके पिता ने 12 मार्च को पुलिस में एक लिखित शिकायत दी. पुलिस ने आईपीसी की धारा 365 के तहत केस दर्ज किया था.
बताते चलें कि जेएनयू से पिछले डेढ़ साल से गायब छात्र नजीब अहमद को अब तक पुलिस ढूंढ नहीं पाई है. इससे नाराज छात्रों ने दिल्ली में सीबीआई हेडक्वार्टर पर विरोध प्रदर्शन किया था. पहले दिल्ली पुलिस नजीब की छानबीन कर रही थी और अब यह मामला सीबीआई के पास है, लेकिन दोनों खाली हाथ हैं.
16 महीनों से गुमशुदा छात्र नजीब अहमद आखिर कहां हैं, उनके साथ क्या हुआ? क्यों मां का लाडला नजीब इतने महीनों से अपने परिवार से दूर है? क्या नजीब के साथ कोई अनहोनी हुई है? और अगर हां तो फिर गुनहगारों को अब तक पकड़ा क्यों नहीं गया? ये सवाल आज भी जिंदा हैं.
मुकेश कुमार / अनुज मिश्रा / चिराग गोठी