जीशा रेप-हत्याकांड: आरोपी अमीरुल इस्लाम दोषी करार

जीशा की मां और जीशा के वकील ने इसे रेयर ऑफ द रेयरेस्ट केस मानते हुए दोषी को मौत की सजा सुनाए जाने की मांग की है. दोषी को सजा कल सुनाई जाएगी.

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18 महीने में पूरी हुई केस की सुनवाई 18 महीने में पूरी हुई केस की सुनवाई

आशुतोष कुमार मौर्य

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 12 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 1:34 PM IST

केरल में पिछले साल लॉ स्टूडेंट जीशा की रेप के बाद बर्बरतापूर्वक हत्या किए जाने के मामले में आरोपी अमीरुल इस्लाम को दोषी करार दिया गया है. एर्नाकुलम के प्रिंसिपल सेसन कोर्ट ने आरोपी अमीरुल को हत्या, रेप, बंधक बनाने और घर में जबरन घुसने के आरोपों में दोषी करार दिया. उसे कल सजा सुनाई जाएगी.

जीशा की मां और जीशा के वकील ने इसे रेयर ऑफ द रेयरेस्ट केस मानते हुए दोषी को मौत की सजा सुनाए जाने की मांग की है. एर्नाकुलम के पेराम्बवूर कस्बे में जीशा अपनी मां के साथ एक कमरे वाले टूटे-फूटे मकान में रहती थी. उसकी मां दिहाड़ी श्रमिक थीं. आरोपी असम का रहने वाला था और एर्नाकुलम में नौकरी के सिलसिले में रहता था.

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गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल में घटी इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. लेकिन घटना के 18 महीने के अंदर पीड़िता को आखिरकार न्याय मिल ही गयी. निश्चित तौर पर यह पूरे देश के लिए एक सुखद बात है.

घटना वाले दिन अमीरुल नशे में धुत जीशा के घर में घुस गया और उसके साथ रेप किया. विरोध करने पर अमीरुल ने जीशा की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, जीशा की नाक हथौड़े जैसे किसी भारी हथियार से तोड़ दी गई थी. निर्भया कांड की ही तरह जीशा की आंतें भी बाहर की ओर निकल आई थीं.

जीशा की मां ने सबसे पहले खून में लथपथ जीशा का शव देखा. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस को घर के संघर्ष करने के निशान भी मिले. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, जीशा के सीर के पीछे, सीने पर, ठुड्डी पर और गर्दन पर थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि जीशा की मौत सिर पर लगी चोट के चलते हुआ.

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घटना के एक दिन बाद दर्ज FIR में हालांकि यौन शोषण की बात शामिल नहीं थी. लेकिन जीशा के साथ पढ़ने वाले दोस्तों को जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली और उन्हें पता लगा कि कितनी निर्दयतापूर्वक उसकी हत्या की गई थी, उसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ना शुरू किया.

केरल की तत्कालीन UDF सरकार ने मामले की जांच के लिए तत्काल SIT गठित की. लेकिन चुनाव के बाद बनी का गठन किया. जून, 2016 में SIT ने आरोपी अमीरुल को तमिलनाडु के कांचिपुरम से गिरफ्तार कर लिया.

जीशा रेप एवं मर्डर केस ने एकबार फिर देशवासियों को निर्भया कांड की याद दिला दी और इसे लेकर केरल में सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए. वारदात के 18 महीने बाद अब जीशा की मां को न्याय मिलता नजर आ रहा है.

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