92 साल के बुजुर्ग को ठग रहे थे, दिल्ली में पकड़े गए 'बंटी-बबली'

साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के अमर कॉलोनी थाने की पुलिस टीम ने 'बंटी और बबली' को गिरफ्तार कर लिया है. डीसीपी साउथ ईस्ट चिन्मय विस्वाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम विशाल अग्रवाल और पूजा हैं. विशाल डीएलएफ कॉलोनी भोपुरा, साहिबाबाद, गाजियाबाद का जबकि उसकी साथी पूजा नोएडा की रहने वाली है.

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ठगी के आरोप में गिरफ्तार हुए विशाल और पूजा ठगी के आरोप में गिरफ्तार हुए विशाल और पूजा

तनसीम हैदर

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 7:54 PM IST

ठगी और धोखाधड़ी की दुनिया के एक और 'बंटी-बबली' पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं. ये लोग दिल्ली के 92 साल के बुजुर्ग को ठगी का शिकार बनाकर उनके खाते से मोटी रकम निकालने की फिराक में थे.

साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के अमर कॉलोनी थाने की पुलिस टीम ने 'बंटी और बबली' को गिरफ्तार कर लिया है. डीसीपी साउथ ईस्ट चिन्मय विस्वाल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम विशाल अग्रवाल और पूजा हैं. विशाल डीएलएफ कॉलोनी भोपुरा, साहिबाबाद, गाजियाबाद का जबकि उसकी साथी पूजा नोएडा की रहने वाली है.

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इस खतरनाक 'बंटी-बबली' जोड़ी के खिलाफ अमर कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था और उसी मामले में एसीपी जगदीश यादव की देखरेख में एसएचओ उदयवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर अभिषेक मिश्रा, कॉन्स्टेबल राकेश, मुनीम और महिला कॉन्स्टेबल कविता की टीम ने इस बंटी-बबली को गिरफ्तार किया है.

पुलिस के अनुसार इन्होंने ईस्ट ऑफ कैलाश के रहने वाले 92 साल के बुजुर्ग से की वारदात को अंजाम दिया था. उस मामले में सीनियर सिटीजन ने 10 जुलाई को अमर कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा भी दर्ज कराया था.

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को मिली जानकारी के अनुसार पूजा नाम की एक युवती का फोन इस सीनियर सिटीजन के पास आना शुरू हुआ था और उसने इन्हें एक प्राइवेट बैंक से लेने का झांसा दिया और एक ही इंस्टॉलमेंट देने का भरोसा देकर मोटी पॉलिसी देने का वादा किया.

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अतिरिक्त मांग पर हुआ शक

इस पॉलिसी के तहत ₹80,000 इंस्टॉलमेंट देने के लिए बोला गया जिसके बदले 14 लाख रुपए की पॉलिसी देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन 80 हजार लेने के बाद पूजा और उसके दूसरे सहयोगी ने अतिरिक्त 2 लाख 40 हजार रुपए की मांग शुरू कर दी. इस पर उन्हें शक हुआ और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

इसके बाद एसीपी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी जगदीश यादव की देखरेख में टीम बनाई गई और इसने मामले की छानबीन कर टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर बैंक अकाउंट आदि के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा की और उसके आधार पर पुलिस को पता चला कि किस तरह एक गैंग सीनियर सिटीजन को टारगेट कर रहा है.

पुलिस टीम को अकाउंट ओपनिंग फॉर्म से फोटो मिला. फोटो और उस पर जो एड्रेस था वह भोपुरा, गाजियाबाद का था, लेकिन पुलिस टीम ने काफी मेहनत और टाइमिंग के साथ दिन रात मेहनत करके अल्टीमेटली विशाल अग्रवाल तक पहुंची और उसके बाद विशाल से पूछताछ के आधार पर पूजा को भी नोएडा से गिरफ्त में ले लिया.

गुजरात तक फैला है ठगी का जाल

इन दोनों ने बताया कि एक सुमित राणा नाम का भी शख्स है जो इन लोगों के साथ इस धोखाधड़ी में शामिल है. विशाल और पूजा ने बताया कि सीनियर सिटीजन का डाटा सुमित राणा उपलब्ध कराता था, जिसमें सीनियर सिटीजन के बारे में पूरी जानकारी होती थी और उसी डेटा के आधार पर यह लोग ज्यादा इंसेंटिव का प्रलोभन देकर सीनियर सिटीजन को टारगेट करना शुरू किया था.

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पुलिस को लग रहा है कि यह गैंग और भी कई लोगों से ऐसे ही धोखाधड़ी के जाल में फंसा रखा होगा. फिलहाल जांच की जा रही है. पुलिस को गुजरात से भी एक बैंक ट्रांजैक्शन का पता चला है जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन ठगों ने गुजरात के सीनियर सिटीजन को निशाना बनाया होगा.

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