कोटा में कोचिंग संस्थान के छात्र ने की खुदकुशी

राजस्थान के कोटा के आरके पुरम थाना क्षेत्र में एक कोचिंग के छात्र ने पहाड़ी से कूदकर खुदकुशी कर ली. मृतक छात्र ने खुदकुशी के बारे में व्हाट्सऐप पर अपने दोस्तों के बीच शेयर किया था. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी कोशिश के बाद मृतक का शव बरामद किया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर इस मामले की जांच की जा रही है.

Advertisement
राजस्थान के कोटा की घटना राजस्थान के कोटा की घटना

मुकेश कुमार / BHASHA

  • जयपुर,
  • 30 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 7:51 PM IST

राजस्थान के कोटा के आरके पुरम थाना क्षेत्र में एक कोचिंग के छात्र ने पहाड़ी से कूदकर खुदकुशी कर ली. मृतक छात्र ने खुदकुशी के बारे में व्हाट्सऐप पर अपने दोस्तों के बीच शेयर किया था. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी कोशिश के बाद मृतक का शव बरामद किया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर इस मामले की जांच की जा रही है.

पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा ने बताया कि छत्तीसगढ निवासी अभिषेक (17) ने गुरुवार की रात गेपरनाथ की पहाडी से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. उसने हाल ही में आत्महत्या के बारे में अपने दोस्तों के साथ व्हाट्सऐप पर शेयर किया था. उसे पहाडी से कूदते समय देखने पर किसी ने पुलिस को सूचित किया था. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची.

मां के साथ रहकर पढ़ता था छात्र
पुलिस टीम ने देर रात तक उसे ढूंढने के लिए तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अंधेंरे के कारण उसे स्थगित करना पड़ा. शुक्रवार की सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया. छात्र का शव पहाड़ी के नीचे पाया गया. मृतक एक कोचिंग सेंटर में मेडिकल की पढाई कर रहा था. वह पिछले डेढ साल से अपनी मां के साथ यहां रहता था.

से पहले लिखा था नोट
उसके पास से मिले सुसाइड नोट में उसने मौत के लिये किसी को जिम्मेदारी नहीं बताया है. शव को पोस्टमार्टम के लिये कोटा के राजकीय चिकित्सालय में रखवाया गया है. छत्तीसगढ के दुर्ग में रह रहे उसके पिता को सूचित कर दिया गया है. उनके यहां पहुंचने पर उसका पोस्टमार्टम करवा जाएगा. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.


बताते चलें कि कोटा में इस साल अब तक 24 छात्रों ने खुदकुशी कर ली है. 2014 में 11 और 2013 में 13 छात्रों ने खुदकुशी कर ली थी. इसके पीछे पढ़ाई का अधिकतम दबाव कारण बताया जा रहा है. किसी समय कोचिंग हब के रूप में मशहूर हो चुका कोटा अब छात्रों का कब्रगाह बनता जा रहा है. ऐसे अभिवावकों को सोचने की जरूरत है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »