गुड़िया रेप मर्डर केस: 8 महीने बाद भी CBI के हाथ खाली, HC से मांगेगी वक्त

जानकारी के मुताबिक, आज हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई की टीम फोरेंसिक रिपोर्ट और दूसरे वैज्ञानिक सबूतों की जांच में समय लगने की बात कहते हुए अतिरिक्त समय की मांग कर सकती है.

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हिमाचल प्रदेश के शिमला का मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला का मामला

मुकेश कुमार

  • शिमला,
  • 28 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 1:55 PM IST

हिमाचल प्रदेश के शिमला के बहुचर्चित गुड़िया रेप मर्डर केस में सीबीआई आज हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल कर सकती है. इस मामले की जांच कर रही सीबीआई 8 महीनों से लगातार समय की मांग कर रही है, अभी तक उसके हाथ कुछ ठोस सबूत नहीं लगा है. सीबीआई एक बार फिर अतिरिक्त समय की मांग कर सकती है.

जानकारी के मुताबिक, आज हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई की टीम फोरेंसिक रिपोर्ट और दूसरे वैज्ञानिक सबूतों की जांच में समय लगने की बात कहते हुए अतिरिक्त समय की मांग कर सकती है. लेकिन इस केस के लिए आंदोलन कर रहे सामाजिक संगठन अब सीबीआई के लगातार समय मांगने के खिलाफ आंदोलन की बात करने लगे.

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सीबीआई इस केस में आठ बार स्टेटस रिपोर्ट पेश कर चुकी है. इससे पहली स्टेटस रिपोर्ट पिछले साल 2 अगस्त को पेश की गई थी. इसके बाद 16 अगस्त, 6-21 सितंबर, 11-25 अक्टूबर, 30 नवंबर, 20 दिसंबर और 10 जनवरी को रिपोर्ट पेश की गई. हर बार सीबीआई ने जांच पूरी करने के लिए हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय की मांग की है.

बतात चलें कि पिछले साल 4 जुलाई को आरोपी राजेंद्र उर्फ राजू अपने दोस्त आशीष और सुभाष के साथ कहीं जा रहा था. उसने 10वीं में पढ़ने वाली गुड़िया को देखा और गाड़ी रोककर उसे घर तक लिफ्ट देने की बात कही. गुड़िया इलाके में नई आई थी. राजू को जानती थी. वह अक्सर स्कूली बच्चों को ले जाता था, जिससे शक नहीं हुआ.

शराब के नशे में की हैवानियत

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पुलिस के मुताबिक, पीड़िता उनकी गाड़ी में बैठ गई. राजू और उसके दोस्त शराब के नशे में धुत थे. उन्होंने बीच जंगल में सामान उतारने का बहाना बनाते हुए गाड़ी रोक दी. मासूम के साथ गैंगरेप किया. अपने तीन साथियों को भी वहां बुला लिया. गुड़िया की बेरहमी से हत्या कर उसकी लाश को जंगल में फेंक दिया. गैंगरेप के दौरान हैवानियत की इंतेहा कर दी.

हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन

इसके बाद को इंसाफ दिलाने के लिए गुम्मा कस्बे में 24 पंचायतों के चार हजार लोगों ने प्रदर्शन किया था. गुस्साए लोगों ने ठियोग-हाटकोटी नेशनल हाईवे पर सात घंटे तक जाम लगा दिया था. लोग इतने गुस्से में थे कि एक गाड़ी को तोड़ दिया. मौके पर पहुंचे एसडीएम टशी संडूप को कमरे में बंद कर दिया था. यह केस पूरे देश में सुर्खियों में था.

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