प्रॉपर्टी के लिए दत्तक पुत्र ने बुजुर्ग मां को मारा, दान क‍िया शव, खुली पोल

एक दत्तक पुत्र ने अपनी बुजुर्ग मां की गला घोंट कर हत्या कर दी और शव को दान कर द‍िया. र‍िश्तेदारों को शक हुआ तो पुल‍िस में श‍िकायत हुई. शव की जांच हुई तो सामने आया क‍ि ज‍िस बेटे को वह कई सालों से पाल-पोस कर बढ़ा कर रही थी, उसी ने बेरहमी से गला घोंट कर हत्या कर दी. घटना छत्तीसगढ़ के रायपुर की है.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

aajtak.in

  • नई द‍िल्ली,
  • 06 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 2:43 PM IST

छत्तीसगढ़ में रायपुर की प्रोफेसर कॉलोनी में रिटायर्ड इनकम टैक्स अफसर हेमाप्रभा बोस को उनके दत्तक पुत्र ने ही प्रापर्टी की लालच में गला दबाकर हत्या कर दी. हेमप्रभा 68 साल की थीं. यही नहीं, हत्या के बाद वह शव को निजी अस्पताल ले गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर द‍िया. वह शव लेकर घर आ गया, लेकिन किसी को बताया नहीं.

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अगले दिन कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को बुजुर्ग की इच्छा के अनुरूप दान कर दिया. इसके बाद उसने रिश्तेदारों को खबर दी लेकिन मृतका के भाइयों को शक हुआ. उन्होंने पुलिस से शिकायत की तो वृद्धा के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया. पीएम रिपोर्ट में गले और शरीर में चोटों के निशान पाए गए. तब बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने हत्या कबूल कर ली.

पूरी प्रॉपर्टी बेटे के नाम कर दी

पुल‍िस के अनुसार, हेमाप्रभा बोस बरसों पहले पति से अलग हुई थीं और इनकम टैक्स की रिटायर्ड अफसर थीं. उन्होंने सुदीप बोस को डेढ़ साल की उम्र में गोद लिया था, जो अब 23 साल का हो गया था. वह कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है. हेमप्रभा ने अपनी पूरी प्रॉपर्टी भी उसी के नाम कर दी थी. वह बीमार चल रही थीं.

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25 फरवरी की रात भी उसका मां से पढ़ाई-लिखाई पर ही विवाद हुआ. उसने सोते हुए अपनी मां का बिस्तर में ही गला घोट दिया. इसके बाद वह घबरा गया, फिर शव को कार में रखकर रामकृष्ण अस्पताल ले गया. वहां डॉक्टरों को बताया कि मां की तबीयत खराब है, वह बेहोश हो गई. डॉक्टरों ने इलाज के बाद हेमाप्रभा को मृत घोषित कर दिया.

शव लेकर घर आ गया और रातभर बगल में बैठा रहा

सुदीप रात में ही शव लेकर घर आ गया और रातभर बगल में बैठा रहा. सुबह वह शव लेकर मेडिकल कॉलेज गया. वहां दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की और शव को दान करके आ गया. उसके बाद रिश्तेदारों को हेमप्रभा की मौत की सूचना दी. हेमाप्रभा अपने भाई के साथ रहती है. उनके भाई ने नाराजगी जताई कि उसे मौत के बारे में क्यों नहीं बताया. उन्हें शक हुआ, तो पुलिस में सूचना दी.

पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची और शव को कब्जे में लिया. उसका अंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया. शरीर में चोट के निशान पाए गए. पुलिस को शक हुआ कि मृतका के साथ मारपीट हुई है. आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया गया तो  वह गुमराह करने लगा. पुलिस ने उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया था. दोबारा उसे बुलाया गया और सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली.

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प्रॉपर्टी को लेकर ही अपनी मां से विवाद

हेमप्रभा ने सुदीप को अपना वारिस घोषित किया था. उनको हर महीने पेंशन मिलती थी, खाते में भी पैसे जमा है. प्रोफेसर कॉलोनी में खुद का मकान भी है. चर्चा है कि सुदीप का प्रॉपर्टी को लेकर ही अपनी मां से विवाद चल रहा था. यही विवाद हत्या की वजह बना. परिजनों ने बताया कि वह सुदीप को पढ़ाई करने के लिए हमेशा कहती थीं. पढ़ाई और करियर को लेकर उनके बीच विवाद होता था. इस पर सुदीप मां पर चिड़चिड़ाने लगा था. वह जानता था कि हेमाप्रभा की मौत के बाद पूरी प्रॉपर्टी उसकी हो जाएगी.

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