NEET Paper leak: 35 लाख में पास कराने की ठेकेदारी, आधे घंटे में ही पेपर लीक-MO समेत 9 गिरफ्तार

जयपुर की एक परीक्षा केंद्र पर परीक्षा आयोजित करने वालों से सांठ-गांठ कर परीक्षा शुरू होने के 35 मिनट बाद ही प्रश्न पत्र लीक हो गया और महज़ आधे घंटे में आंसर की परीक्षा आयोजित करवाने वाले लोगों के मोबाइल पर पहुंच गई.

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पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 14 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST
  • अमीर परिवार के छात्रों को बनाते थे शिकार
  • मेडिकल अधिकारी है गिरोह का सरगना

राजस्थान में मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट के लिए आयोजित नीट की परीक्षा में पेपर लीक (NEET paper leek) होने का हैरतअंगेज मामला सामने आया है. जयपुर के एक केंद्र पर परीक्षा शुरू होने के 35 मिनट बाद ही प्रश्न पत्र लीक हो गया और महज़ आधे घंटे में आंसर की परीक्षा आयोजित करवाने वाले लोगों के मोबाइल पर पहुंच गई. इसके बाद इन आरोपियों ने नीट के प्रश्न पत्र की आंसर की का प्रिंट निकाल कर पैसे देने वाले छात्रों को सप्लाई कर दिया.

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राजस्थान पुलिस को इसकी सूचना मिली और सूचना मिलते ही परीक्षा केंद्र पर दबिश देकर आठ लोगों को नीट प्रश्न पत्र की आंसर शीट के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले में 4 जगह छापे मारकर छह मेडिकल छात्रों सहित नौ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए छात्रों से प्रश्नपत्र की आंसर शीट और दलालों के पास से 10 लाख रुपये बरामद किए हैं. परीक्षक के ज़रिए ही छात्र-छात्राओं को यह आंसर शीट दिए गए थे. उनसे 35 लाख में सौदा हुआ था.

रैकेट में परीक्षक था शामिल

जयपुर के भांकरोटा के राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में 2 बजे से लेकर 5 बजे तक होने वाले नीट एग्ज़ाम में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया. जैसे ही पुलिस ने आंसर शीट के साथ परीक्षा दे रही छात्रा को दबोचा उसने कहा कि यह आंसर सीट उसे परीक्षा लेने वाले कमरे में मौजूद परीक्षक ने दी है. परीक्षक ने कहा कि छात्रा के चाचा से 10 लाख रुपये में डील हुई है. गाड़ी में पैसे लेकर बैठे चाचा और दलाल को भी पुलिस ने धर दबोचा और उसके बाद कड़ियां खुलती गईं.

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मेडिकल ऑफिसर है गिरोह का सरगना

पता चला था कि इसका सरग़ना चित्तौड़गढ़ में तैनात मेडिकल ऑफ़िसर राजन गुरु है, जो राजस्थान मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट 2010 सेकेंड टॉपर है. कोटा में बायो सर के नाम से मशहूर राजन गुरु का असली नाम राजन राजपुरोहित है. वह पिछले कई सालों से यह काम कर रहा था. वह चुनाव भी लड़ चुका है और नक़ली नाम से कोटा में अपनी कोचिंग भी चलाता है. इसके अलावा वह सरकारी मेडिकल अधिकारी भी है.

दूसरों की परीक्षा देने वाले छात्र भी गिरफ्तार

आगरा की मेडिकल छात्रा प्राची परमार को भी गिरफ़्तार किया गया है जो देहरादून मेडिकल कॉलेज में थर्ड ईयर की छात्रा है. यह जयपुर के सुबोध स्कूल में दूसरे छात्रों के बदले परीक्षा दे रही थी. वहीं अलवर की रहने वाली प्रिया चौधरी भरतपुर मेडिकल कॉलेज में थर्ड ईयर की छात्रा है, वह जयपुर के LBS कॉलेज में नक़ली परीक्षार्थी बनकर परीक्षा दे रही थी.

जोधपुर के रहने वाला प्रद्युमन सिंह  देहरादून मेडिकल कॉलेज में फ़ाइनल ईयर का छात्र है. इसने 20 लाख रुपये में डमी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने का सौदा किया था. वहीं, सांवरमल सुनार झुंझुनू का रहने वाला है और बनारस मेडिकल कॉलेज में थर्ड ईयर का छात्र है. यह भी LBS कॉलेज में परीक्षा दे रहा था.

प्रवीण भंडा नागौर कराने वाला है और बनारस मेडिकल कॉलेज में फ़र्स्ट ईयर का छात्र है. यह जयपुर के भवानी निकेतन में परीक्षा दे रहा था. अंकित यादव नीमराना का रहने वाला है. बनारस मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर का छात्र है. जयपुर के महावीर दिगम्बर स्कूल में परीक्षा दे रहा था.

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अमीर परिवार के छात्रों को बनाते थे शिकार

यह लोग अमीर परिवारों के मेडिकल छात्र छात्राओं से संपर्क कर, 35 लाख में पास करवाने की गारंटी दे रहे थे. हालांकि गिरफ़्तारी के बाद बायो गुरु उर्फ़ राजगुरु ने बताया है कि उसने कई छात्र-छात्राओं को पास कराया है. मगर बाद वे बाद में MBBS में जाकर फ़ेल हो गए हैं और उसके बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं.

इसी तरह की छात्रा के बारे में उसने बताया कि झुंझुनू की डिंपल की जगह उसने डमी अभ्यार्थी बनकर परीक्षा दी थी, मगर वह दो साल तक लगातार MBBS में फ़ेल हुई और बाद में पढ़ाई ही छोड़ दी. पुलिस ने सीकर के महेंद्र सैनी को भी गिरफ़्तार किया है. बारहवीं पास यह मास्टरमाइंड राजन गुरु के लिए 3 हज़ार रुपये में ऐसी फ़ोटो मिक्सिंग करता था कि परीक्षा केंद्र पर कोई पहचान नहीं पाता था.

 

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