Ayushi Murder: घर से बिना बताए गई तो चढ़ा पिता का पारा, बेटी की छाती में मारी गोली, फिर रात में निकला लाश को ठिकाने लगाने

मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे ट्रॉली बैग में एक युवती की खून से सनी लाश मिली थी. पुलिस ने 20 हजार कॉल्स और 210 सीसीटीवी फुटेज चेक कर शव की पहचान कर ली है. लड़की की शिनाख्त दिल्ली के बदरपुर इलाके में रहने वाली आयुषी यादव (22 साल) के रूप में हुई है.

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यमुना एक्सप्रेस-वे के सर्विस रोड पर मिला था आयुषी यादव का शव. (फोटो:Aajtak) यमुना एक्सप्रेस-वे के सर्विस रोड पर मिला था आयुषी यादव का शव. (फोटो:Aajtak)

संतोष शर्मा

  • मथुरा/नई दिल्ली ,
  • 21 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST

मथुरा में ट्रॉली बैग के अंदर लड़की की लाश मिलने का मामला ऑनर किलिंग का निकला. दिल्ली के बदरपुर इलाके में रहने वाले शख्स ने ही अपनी बेटी आयुषी यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी और फिर उसके शव को लाल रंग के ट्रॉली बैग में रखकर मथुरा के राया इलाके में फेंक आया था.   

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 22 साल की आयुषी घर से बिना बताए कहीं चली गई थी. जैसे ही वह 17 नवंबर को घर पहुंची तो पिता नितेश यादव ने आपा खो दिया और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद रात में ही पिता ने बेटी के शव को लाल रंग के ट्रॉली में पैक किया और यमुना एक्सप्रेस-वे की सर्विस रोड पर राया इलाके में फेंक आया.  

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मथुरा के राया इलाके में मिला था आयुषी का शव.

18 नवंबर की दोपहर मथुरा पुलिस को युवती का लावारिस शव मिलने की सूचना मिली. युवती के सिर, हाथ और पैर में चोट के निशान थे. जबकि, बाईं छाती में गोली लगी हुई थी. इस मामले की तहकीकात के लिए पुलिस की 8 टीमों को दौड़ाया गया. 48 घंटे के भीतर ही इस मामले का खुलासा कर दिया गया.

युवती की शिनाख्त के लिए तकरीबन 20 हजार मोबाइल कॉल ट्रेस किए गए. इन मोबाइल फोन्स की लोकेशन सर्विलान्स टीम ने खंगाली और पूरे एरिया के 210 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जांचे, तब जाकर पुलिस लावारिस शव की पहचान कर पाई. यही नहीं, छानबीन में जुटी यूपी पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर, हाथरस और अलीगढ़ समेत आसपास के इलाकों में मृतका के पोस्टर भी चस्पा करवाए थे. 

इसके अलावा, मृतका की पहचान में जुटीं पुलिस की टीमें गुरुग्राम, आगरा, अलीगढ़, हाथरस, नोएडा और दिल्ली तक जा पहुंचीं. पुलिस ने मृतका की तस्वीरें वॉट्सऐप ग्रुप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर और फेसबुक पर शेयर करवाईं. इसी के चलते पुलिस को इनपुट मिला और पूरी बात पता चला गई. 

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पुलिस सूत्रों ने बताया कि लावारिस शव की पहचान आयुषी यादव पुत्री नितेश यादव के तौर पर हुई. गोरखपुर जिला निवासी नितेश यादव का परिवार फिलहाल गली नंबर-65, गांव मोड़बंद, थाना बदरपुर (नई दिल्ली) में रहता है. 

शव की शिनाख्त करने पहुंचे आयुषी के मां और भाई.

इसी सूचना पर तत्काल दो टीमों को मिले पते पर रवाना किया गया. घर पर पुलिस टीमों को सिर्फ युवती की मां और भाई मिले थे, जबकि पिता लापता था. इसके बाद तलाशी शुरू की गई तो उसे खोज लिया गया. देर रात पूछताछ में पिता ने बेटी की हत्या करने की बात कबूल ली. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार समेत लाश को ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल की गई कार भी अपने कब्जे में ले लिया.  

इसके बाद दिल्ली के बदरपुर इलाके स्थित घर से पुलिस मृतका के पिता, भाई और मां को साथ ले आई. फिर पोस्टमार्टम गृह तक मां और भाई को ही लाया गया, जबकि पिता को थाने में रखा गया. पुलिस ने मोर्चरी में मां से मृतका की पहचान कराई. दोनों ने पहचान कर मृतका के अपनी बेटी होने का दावा कर दिया. 

आयुषी के पिता नितेश यादव से फिलहाल पुलिस की पूछताछ जारी है. शुरुआती जांच में सिर्फ यही पता चला है कि आयुषी घर से बिना बताए कहीं चली गई थी. जब वह घर लौटकर आई तो गुस्साए पिता ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद रात में पिता ने अपनी ही गाड़ी से शव को ले जाकर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे फेंक दिया. अब पुलिस आयुषी की हत्या की पूरी वजह जानने में जुट गई है.

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बता दें कि 18 नवंबर की सुबह 11 बजे के आसपास यमुना एक्सप्रेस-वे की सर्विस रोड पर कृषि अनुसंधान केंद्र के पास झाड़ियों में लाल रंग के ट्रॉली बैग में खून से लथपथ युवती का शव मिला था. उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद पॉलीथिन में लपेटकर शव को फेंका गया था. 

 

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