केतन अग्रवाल हत्याकांड में वडगांव मावल स्थित जेएमएफसी कोर्ट ने मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की पुलिस कस्टडी 3 जुलाई तक बढ़ा दी है. अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड पर भेजा है.
पुलिस ने अदालत से कहा था कि मामले की जांच अभी अधूरी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल बाकी है. जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों आरोपियों से डिजिटल सबूत, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में पूछताछ की जानी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की साजिश में सिर्फ दोनों आरोपी शामिल थे या इसके पीछे किसी तीसरे व्यक्ति की भी भूमिका थी.
पुलिस का कहना है कि अतिरिक्त रिमांड के दौरान आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ, डिजिटल डेटा रिकवरी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जाएगी. इसी आधार पर अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए सिया गोयल और चेतन चौधरी को 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया.
क्राइम सीन रिक्रिएट किया गया
पुलिस ने बताया कि सिया गोयल का घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएशन कराया जा चुका है. अब इसी तरह चेतन चौधरी से भी पूछताछ और घटनाक्रम रिक्रिएशन किया जाएगा. पुलिस के अनुसार, चेतन ने किले पर कुछ लोगों से बातचीत की थी, जिनके बारे में भी उससे पूछताछ की जानी है.
वकील ने क्या कहा?
सिया गोयल की ओर से अधिवक्ता विपुल दुशिंग ने पुलिस की मांग का विरोध करते हुए कहा कि केवल एक दिन की पुलिस कस्टडी में इतनी व्यापक जांच पूरी नहीं हो सकती. उन्होंने सवाल उठाया कि चेतन किले पर जाते समय नीरज कुमार का मोबाइल फोन अपने साथ क्यों ले गया, इसकी भी जांच जरूरी है. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में किसी आरोपी को अपराध स्वीकार करने के लिए मजबूर करना कानूनन गलत और अवैध है.
ओमकार