पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े लोगों पर महाराष्ट्र एटीएस का शिकंजा कसता नजर आ रहा है. शुक्रवार सुबह राज्यभर में बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया गया. आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने उन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है, जो किसी न किसी तरह शहजाद भट्टी के संपर्क में रहे थे. जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों के आधार पर होगी.
महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) ने शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे से राज्यव्यापी जांच अभियान शुरू किया. यह कार्रवाई पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े संपर्कों की जांच के लिए की जा रही है. एटीएस ने एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए संदिग्ध लोगों की पहचान की और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया. अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का मकसद मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करना है.
एटीएस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र की कुल 18 यूनिटों ने एक साथ इस अभियान में हिस्सा लिया. राज्यभर में समन्वित कार्रवाई करते हुए 111 लोगों को उनके संबंधित स्थानों पर पूछताछ के लिए बुलाया गया. इन सभी लोगों के बारे में जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनका शहजाद भट्टी से किस तरह का संपर्क था और क्या किसी संदिग्ध गतिविधि से उनका कोई संबंध रहा है.
प्रारंभिक जांच में एटीएस को संदेह है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को देशविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था. इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए उन लोगों से पूछताछ की जा रही है, जो सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से उसके संपर्क में आए थे. जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कहीं किसी व्यक्ति ने उसके प्रभाव में आकर कोई गैरकानूनी गतिविधि तो नहीं की.
एटीएस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है. पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एजेंसी का उद्देश्य मामले की पूरी सच्चाई सामने लाना और यदि कोई देशविरोधी गतिविधि सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाना है.
इस बीच एटीएस ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी. साथ ही लोगों से जांच एजेंसियों का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध जानकारी की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की भी अपील की गई है.
दीपेश त्रिपाठी