ग्रेटर नोएडा से एक चौंका देने वाला हत्या का मामला सामने आया है. यहां 2 लाख रुपये की फिरौती के लिए 2 साल की बच्ची की हत्या कर दी गई. शव को बैग में बंद करके दरवाजे के पीछे खूंटी पर टांग कर हत्यारा फरार हो गया. पुलिस ने आरोपी को गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है.
बता दें, ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र के देवला गांव में चंदौली का रहने वाला शिव कुमार अपने परिवार के साथ रहता है. बीती 7 अप्रैल की शाम अचानक शिव कुमार की मासूम बच्ची गायब हो गई. काफी तलाशने के बाद बच्ची का कुछ पता नहीं चला. इसके बाद परिजनों ने स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
बैग में लटका मिला मासूम 2 साल की बच्ची का शव
पुलिस जांच कर ही रही थी कि पड़ोस में रहने वाले लोगों को पीड़ित बच्ची के परिवार के बगल वाले कमरे से बदबू आने लगी. यह कमरा राघवेंद्र नाम के युवक का है, जो मूल रूप से बलिया का रहने वाला है. पीड़ित परिवार से उसके काफी नजदीकी संबंध भी हैं.
बदबू आने की सूचना पुलिस को दी गई और ताला तोड़कर देखा तो पुलिस को दरवाजे के पीछे एक बैग टंगा हुआ मिला. बदबू उसी बैग से आ रही है. पुलिस ने बैग खोला तो वहां मौजूद लोगों पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई. उस बैग में 2 साल की मानसी का शव था.
शॉल से गला दबाकर की थी बच्ची की हत्या
कमरे में रहने वाला राघवेंद्र फरार था. इसके बाद पुलिस ने छानबीन तेज शुरू की और दो टीमें बनाकर हत्यारे राघवेंद्र की तलाश के लिए लगा दीं. पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राघवेंद्र को गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया.
पूछताछ में पता चला कि राघवेंद्र ने दो लाख रुपये की फिरौती मांगने की साजिश रची और मासूम को अपने साथ कमरे में ले गया था. उसे डर था कि कहीं बच्ची चीखने-चिल्लाने न लगे, इसलिए शॉल से उसका गला दबाकर हत्या कर दी.
पीड़ित परिवार के साथ बच्ची को ढूंढ़ रहा था आरोपी
इस मामले पर एडिशनल डीसीपी राजीव दीक्षित ने बताया कि सात अप्रैल को पीड़ित परिवार ने बच्ची के लापता होने की सूचना दी थी. इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर छानबीन शुरू की थी. इस बीच पीड़िता के परिजनों के साथ आरोपी भी बच्ची की तलाश में लगा हुआ था, ताकि किसी को शक न हो सके.
आरोपी राघवेंद्र के घर की जांच कर रही है पुलिस
डीसीपी राजीव दीक्षित ने बताया कि आरोपी को इस बात का भी डर था कि कहीं बच्ची चिल्ला न पड़े. इसलिए उसने डरकर शॉल से गला दबाकर बच्ची को मार दिया. अगर उसे फिरौती के 2 लाख मिल भी जाते, तो भी वह शव को वहीं छोड़कर फरार हो जाता.
जिस मकान में घटना को अंजाम दिया गया उसमें 45 से 50 कमरे हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सभी कमरों में रहने वाले किरायेदारों का वैरिफिकेशन किया गया था या नहीं. पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया शॉल भी बरामद कर लिया है. बहरहाल, पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए हत्यारे राघवेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
अरुण त्यागी