भोपाल: ATS की कार्रवाई में प्रतिबंधित आतंकी संगठन JMB के 4 सदस्य गिरफ्तार, तैयार कर रहे थे स्लीपर सेल

मस्जिद के पास बने घर में एटीएस की छापेमारी के दौरान ATS को घर से बड़ी संख्या में धार्मिक साहित्य मिला है. इसके अलावा एक लैपटॉप और मोबाइल फोन भी ATS ने जब्त किया है.

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रवीश पाल सिंह

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  • 13 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 7:13 PM IST
  • लैपटॉप और धार्मिक साहित्य जब्त
  • स्थानीय पुलिस को भी नहीं थी छापेमारी का जानकारी

मध्य प्रदेश में भोपाल के ऐशबाग थाने से करीब 200 मीटर दूर फातिमा मस्जिद के पास बनी अहमद अली कॉलोनी के एक मकान पर शनिवार-रविवार की रात ATS ने धावा बोला. यहां से 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर 4 अन्य को दूसरे इलाके से उठाया गया है. संदिग्धों को उठाने के बाद कमरे को सील कर दिया गया है. ATS के इस ऑपरेशन की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी नहीं दी गई थी.

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तैयार कर रहे थे स्लीपर सेल

ATS की ओर से आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वे सभी बांग्लादेशी मूल के हैं. सभी यहां जमात-ए-मुजाहिदीन बांग्लादेश संगठन के लिए स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे. भारत सरकार ने इस संगठन को प्रतिबंधित किया हुआ है. 'आजतक' से फोन पर बात करते हुए ATS सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए संदिग्ध जेहादी गतिविधियों में संलिप्त थे और स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे जिनके माध्यम से भविष्य में गंभीर देशविरोधी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके. 

गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम - 

(1) फजहर अली उर्फ मेहमूद पिता अशरफ इस्लाम, उम्र 32 साल
(2) मोहम्मद अकील उर्फ अहमद पिता नूर अहमद शेख, उम्र 24 साल
(3) जहूरउदीन उर्फ इब्राहिम उर्फ मिलोन पठान उर्फ जौहर अली पिता शाहिद पठान, उम्र 28 साल 
(4) फजहर जैनुल आबदीन उर्फ अकरम अल हसन उर्फ हुसैन पिता अब्दुल रहमान हैं. 

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भारी मात्रा में जेहादी साहित्य जब्त 

ATS ने बताया कि आरोपियों के पास से भारी मात्रा में जेहादी साहित्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं. आरोपी जमात-ए-मुजाहिद्दीन-बांग्लादेश (JMB) के सक्रिय सदस्य हैं. जमात-ए-मुजाहिदीन-बाग्लादेश (JMB) एक आतंकवादी संगठन है जिसके द्वारा साल 2005 में बांग्लादेश के 50 शहरों व कस्बों के 300 स्थानों पर लगभग 500 छोटे बम विस्फोट किये गए थे. साथ ही बाग्लादेश में बड़े स्तर पर नरसंहार भी किया गया था. 

प्रतिबंधित है संगठन

संगठन द्वारा साल 2014 में भारत के पश्चिम बंगाल के वर्धमान में बम ब्लास्ट और साल 2018 में बोधगया में बम ब्लास्ट किया गया था. 2019 में भारत सरकार के द्वारा इसे 5 साल के लिए प्रतिबंधित संगठन घोषित किया गया है. प्रतिबंध के पश्चात JMB के सदस्यों के द्वारा भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बेस/स्लीपर सेल तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे भविष्य आतंकवादी घटनाएं कराई जा सकें. भोपाल से पकड़ा गया JMB मॉडयूल ऐसी ही एक स्लीपर सेल का हिस्सा है, जो कोई बड़ी घटना करने की फिराक में था.

 

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