UP: पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी हथियारों की मांग, STF ने 8 तस्करों को पकड़ा

लखनऊ एसटीएफ ने मेरठ से अवैध हथियार बनाने वाले 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके पास भारी मात्रा में अवैध हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं.

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आरोपियों के पास से 100 से ज्यादा पिस्टल और तमंचे बरामद किए गए हैं आरोपियों के पास से 100 से ज्यादा पिस्टल और तमंचे बरामद किए गए हैं

आशीष श्रीवास्तव

  • मेरठ,
  • 27 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 11:06 PM IST
  • अवैध हथियार बनाने वाले 8 लोग गिरफ्तार
  • 22,000 में पिस्टल और 2,000 में तमंचा बेचते थे

लखनऊ एसटीएफ ने शनिवार को अवैध हथियार बनाने वाले 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं. साथ ही 100 से ज्यादा अवैध तमंचे और पिस्टल भी मिली है. एसटीएफ ने इन सभी को मेरठ से गिरफ्तार किया है.

दरअसल, एसटीएफ को काफी दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी. इस दौरान एसटीफ को ये जानकारी भी मिली कि मेरठ के मोहल्ला होली चौक में अवैध रूप से पिस्टल और तमंचे बनाकर सप्लाई किए जा रहे हैं. इसके बाद एसटीएफ ने शनिवार को छापेमारी कर तबरेज और सफीक नाम के दो लोगों को दो पिस्टल समेत 43 अवैध तमंचों के साथ गिरफ्तार किया. उनके पास से अवैध तमंचा बनाने वाली मशीन भी बरामद की गई.

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पूछताछ में आरोपियों ने एक और जगह बताई जहां अवैध हथियार बनाने का काम होता था. इसके बाद एसटीएफ ने ब्रह्मपुरी शॉपिंग मॉल के पीछे छापेमारी की और करीब दो दर्जन तमंचे समेत जिंदा कारतूस बरामद किए.

पुलिस की गिरफ्त में आठों आरोपी

आरोपियों के मुताबिक खराद की मशीन से पिस्टल और तमंचे की बॉडी बनाने का काम होता है. आरोपियों के साथ फारुख, महबूब और भवेंद्र भी काम करते हैं, जो किराए के मकान में रहते हैं. ये तीनों फिटिंग करने के लिए दे देते हैं, जिसके बाद तमंचा पूरी तरह से तैयार हो जाता है. इसके बाद शमीम नाम के युवक को पिस्टल 22,000 और तमंचा 2,000 रुपए में बेच देते हैं. ये काम पिछले 6 महीने से चल रहा था. आरोपियों के मुताबिक, पंचायत चुनाव आने के कारण हथियारों में मांग बढ़ गई थी.

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एसटीएफ के एडीजी अमिताभ ठाकुर के ने बताया कि सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके पास से करीब 135 हथियार और 36 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. आरोपी खराद की मशीन से पिस्टल और तमंचे बनाने का काम करते थे. पंचायत चुनाव में मांग काफी बढ़ गई थी, इस वजह से दिन-रात ये लोग काम कर रहे थे और तकरीबन 22,000 रुपये में पिस्टल और 2,000 रुपये में तमंचा मार्केट में सप्लाई किया जाता था.

एनकाउंटर के बाद गैंगस्टर पकड़ाया
वहीं, एक दूसरे मामले में क्राइम ब्रांच ने खतरनाक गैंगस्टर अरुण नागर को गिरफ्तार कर लिया है. शुक्रवार (26 मार्च) को करीब 7:30 बजे क्राइम ब्रांच ने उसे घेर लिया था. इसके बाद घबराकर अरुण ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने की कोशिश करने लगा. क्राइम ब्रांच के अफसरों ने गैंगस्टर का दूर तक पीछा कर उसकी कार को घेर लिया. दोनो तरफ से फायरिंग के दौरान अरुण के पैर में एक गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

गैंगस्टर अरुण को पैर में गोली लगी, जिसके बाद वो पकड़ में आया

कार की तलाशी करने पर पुलिस को 10 देसी पिस्तौल, 5 कारतूस और एक ऑटोमेटिक पिस्टल मिली है. आरोपी के पास से बरामद i20 कार भी चोरी की है. ये कार गुड़गांव से चोरी की गई थी, जिसकी नंबर प्लेट बदलकर गैंगस्टर कार का इस्तेमाल कर रहा था. डीसीपी भीष्म सिंह ने बताया कि इन हथियारों का इस्तेमाल यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव के दौरान होना था.

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