भारत में संगठित अपराध की दुनिया में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सबसे चर्चित माना जाता है. इस गैंग पर हत्या, हत्या की साजिश, रंगदारी, धमकी और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं. दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग के सदस्यों के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं. जांच एजेंसियां लंबे समय से इस गैंग के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई हैं.
लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का आरोप है. इसके अलावा लॉरेंस बिश्नोई, उसके भाई अनमोल बिश्नोई और गैंग के अन्य सदस्यों पर मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या का भी आरोप लगा है. इन मामलों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया. हालांकि सभी मामलों में अंतिम फैसला अदालत को करना है.
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की कथित साजिश रचने और उनके मुंबई स्थित घर के बाहर फायरिंग करवाने के आरोप भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर लगे हैं. इसके अलावा दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, मुंबई और पुणे समेत कई शहरों में व्यापारियों, उद्योगपतियों और अन्य लोगों से रंगदारी मांगने के अनेक मामले दर्ज हैं. पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में हत्या के कई मामलों में भी इस गैंग का नाम सामने आ चुका है.
गैंग का सरगना लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसके जेल में रहने के दौरान उसका भाई अनमोल बिश्नोई विदेश से गैंग का संचालन करता रहा. बाद में अनमोल बिश्नोई अमेरिका में पकड़ा गया और उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया. एजेंसियों का मानना है कि गैंग ने विदेश में बैठे अपने सदस्यों के जरिए भारत में आपराधिक गतिविधियों को जारी रखा.
लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क से राजस्थान का गैंगस्टर रोहित गोदारा और पंजाब का गैंगस्टर गोल्डी बराड़ भी लंबे समय तक जुड़े रहे. हालांकि हाल ही में रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अब उनका लॉरेंस बिश्नोई से कोई संबंध नहीं है. इसके बावजूद जांच एजेंसियां इन गैंगस्टरों की गतिविधियों और आपसी संबंधों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. बताया जाता है कि गैंग के कई सदस्य भारत से फरार होकर कनाडा, अमेरिका और यूरोप के अलग-अलग देशों में शरण लेकर छिपे हुए हैं.
जांच एजेंसियों के अनुसार, विदेश में बैठे गैंग के सदस्य वहां के कानूनों का फायदा उठाकर भारत में रंगदारी वसूलने, धमकियां देने और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिलाने की साजिश रचते रहे हैं. हाल के वर्षों में यह भी सामने आया है कि गैंग ने कनाडा, अमेरिका और यूरोप में रहने वाले भारतीय कारोबारियों और प्रवासियों से भी कथित तौर पर रंगदारी मांगना शुरू कर दिया है.
आरोप है कि रकम नहीं देने वालों को जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं और कुछ मामलों में हत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं. यही वजह है कि भारतीय एजेंसियां अब इस गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी लगातार कार्रवाई कर रही हैं.
अरविंद ओझा