दिल्ली के मालवीय नगर में मौजूद होटल में हुए चर्चित हादसे के मामले में आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज की गिरफ्तारी को लेकर कई अहम बातें सामने आईं हैं. आजतक/इंडिया टुडे को दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) और साकेत कोर्ट के आदेश की कॉपी मिली है. इन दस्तावेजों में बताया गया है कि आखिर किन कारणों की वजह से पुलिस ने लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया और कोर्ट ने उसकी पुलिस हिरासत को जरूरी माना.
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस घटना में कई लोगों की मौत हुई, जबकि बड़ी संख्या में अन्य लोग घायल हुए. हादसे के समय इमारत में मौजूद लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचा. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने व्यापक जांच शुरू की और घटनास्थल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अब तक जांच में जुटाए गए साक्ष्य प्रथम दृष्टया यह संकेत देते हैं कि लवकेश बजाज परिसर के संचालन और प्रबंधन में शामिल था. पुलिस का दावा है कि उपलब्ध सामग्री उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध बनने की ओर इशारा करती है. इसी आधार पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई.
जांच में यह भी सामने आया है कि हादसा ऐसी परिस्थितियों में हुआ, जो परिसर में सुरक्षा उपायों की गंभीर कमी और लापरवाही को दर्शाती हैं. पुलिस का कहना है कि भवन में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे. यही कारण है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है.
दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी के आधार में कहा है कि लवकेश बजाज से पूछताछ के जरिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बरामदगी और सत्यापन किया जाना बाकी है. साथ ही घटना से जुड़े अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करना और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचना भी जांच का अहम हिस्सा है. पुलिस का मानना है कि इसके लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ जरूरी है.
पुलिस ने यह आशंका भी जताई है कि यदि आरोपी को खुला छोड़ दिया गया तो वह मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है या गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है. इसी संभावना को देखते हुए जांच एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी और हिरासत की मांग की थी. पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए यह कदम आवश्यक था.
साकेत कोर्ट ने भी अपने आदेश में माना कि मामला अभी शुरुआती जांच के चरण में है. अदालत ने कहा कि घटना से जुड़े तथ्यों की सही जानकारी जुटाने और अनिवार्य कानूनी प्रावधानों के पालन में हुई कथित चूकों की जांच के लिए आरोपी की कस्टोडियल इंटरोगेशन यानी हिरासत में पूछताछ जरूरी है. कोर्ट ने माना कि इससे घटना के वास्तविक कारणों तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि पुलिस हिरासत इसलिए आवश्यक है ताकि जांच में सामने आए अन्य लोगों का पता लगाया जा सके और उनकी भूमिका की जांच की जा सके. इसके अलावा संपत्ति के संचालन से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल सबूत बरामद करना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है. अदालत ने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपी की पुलिस हिरासत को उचित ठहराया है.
उधर, पता चला है कि हादसे वाले होटल के पास एमसीडी का टी एंड स्नैक्स लाइसेंस था, जिसकी वैधता 31 मार्च को समाप्त हो चुकी थी. सूत्रों के अनुसार, घटना के अगले ही दिन बुधवार सुबह होटल प्रबंधन ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया, लेकिन एमसीडी ने आवेदन को खारिज कर दिया.
अंशुल सिंह / सुशांत मेहरा