3 टीमें, 25 अफसर और ताबड़तोड़ एक्शन... कोलकाता कांड की ऐसे चल रही CBI जांच, CM ममता बनर्जी ने रखी ये डिमांड

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में हुए लेडी डॉक्टर रेप-मर्डर केस की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. दिल्ली से सीबीआई की 25 सदस्यीय टीम कोलकाता पहुंच गई. इस टीम में एडिशनल डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर लेवल के अधिकारी शामिल है.

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लेडी डॉक्टर रेप-मर्डर केस की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. लेडी डॉक्टर रेप-मर्डर केस की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है.

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 14 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में हुए लेडी डॉक्टर रेप-मर्डर केस की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. दिल्ली से सीबीआई की 25 सदस्यीय टीम कोलकाता पहुंच गई. इस टीम में एडिशनल डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर लेवल के अधिकारी शामिल है. इनके साथ दिल्ली से सीएफएसएल की 5 सदस्यीय टीम और एम्स के डॉक्टर भी पहुंचे हैं. कोलकाता पहुंचते ही सीबीआई ने आरोपी अपराधी को अपने कस्टडी में ले लिया. वहीं सीएम ममता बनर्जी ने मांग की है कि सीबीआई इस बात को सुनिश्चित करे कि रविवार तक इस मामले का समाधान हो जाए.

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इसके बाद कोलकाता पुलिस से अब तक की जांच के सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए. सीबीआई ने तीन टीमें बनाई हैं, जो अलग-अलग जगहों पर जाकर एक साथ जांच कर रही हैं. इनमें से एक टीम आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल का दौरा किया, जहां 9 अगस्त को लेडी डॉक्टर का शव मिला था. सीबीआई की दूसरी टीम ने मेडिकल टेस्ट के बाद आरोपी संजय रॉय को कोलकाता पुलिस से अपनी हिरासत में ले लिया.

सीबीआई की तीसरी टीम को कोलकाता पुलिस के साथ कोआर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी गई है. सीबीआई आरोपी को कोर्ट में पेश करके उसकी हिरासत को बढ़ानेकी मांग करने वाली है. इस मामले में कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश के बाद जांच को कोलकाता पुलिस से सीबीआई को सौंप दिया गया. कोर्ट ने अपने आदेश में पुलिस को निर्देश दिया था कि वो शाम तक केस डायरी और 14 अगस्त सुबह 10 बजे तक सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंप दे.

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सीबीआई ने सीएफएसएल एक्सपर्ट के साथ मेडिकल कॉलेज में करीब छह घंटे तक जांच की है. विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा. सीबीआई अधिकारियों ने आपातकालीन भवन के तीसरे हिस्से में उस सटीक स्थान का दौरा किया जहां से शव बरामद किया गया था. वहां क्राइम सीन रीक्रिएट करके पूरे केस को समझने की कोशिश की गई. फिलहाल टीम वहां से रवाना हो गई है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को इस खौफनाक कांड की जांच को सीबीआई को सौंपने के कोलकाता हाई कोर्ट के फैसले का समर्थन किया, लेकिन इस घटना का राजनीतिकरण करने और विरोध प्रदर्शन भड़काने के लिए माकपा और भाजपा की आलोचना की है. टीएमसी सुप्रीमो ने यह भी मांग की कि सीबीआई रविवार तक मामले को सुलझाए. उन्होंने कहा कि कोलकाता पुलिस ने पहले ही 90 प्रतिशत जांच पूरी कर ली है.

ममता बनर्जी ने दोषियों को फांसी पर लटकाए जाने की मांग करते हुए प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से अपील की है कि वे अपना काम बंद करके काम पर लौट आएं, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं. उन्होंने कहा, "हम कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे और सीबीआई को पूरा समर्थन देंगे. हमें सीबीआई द्वारा मामले को अपने हाथ में लेने से कोई समस्या नहीं है, क्योंकि हम चाहते हैं कि यह जल्द से जल्द सुलझ जाए."

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उन्होंने कहा, "मैं शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से सड़क पर उतरूंगी और हम मांग करेंगे कि सीबीआई सुनिश्चित करे कि रविवार तक मामले का समाधान हो जाए. कोलकाता पुलिस ने पहले ही 90 प्रतिशत जांच पूरी कर ली है और दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. आप मेरी जितनी आलोचना करना चाहें करें, लेकिन कृपया राज्य की आलोचना न करें. मैं सोशल मीडिया पर फैल रहे दुर्भावनापूर्ण अभियान से स्तब्ध हूं. इसे बंद करने की मांग करती हूं." 

बताते चलें कि ये खौफनाक वारदात 8-9 अगस्त की रात की है, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज से ट्रेनी डॉक्टर की लाश मिली थी. इस डॉक्टर की उम्र 31 वर्ष थी, जो उस दिन तीन और डॉक्टर्स के साथ नाइट ड्यूटी पर थी. इनमें दो डॉक्टर चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट थे, एक ट्रेनी थी. एक कर्मचारी अस्पताल के हाउस स्टाफ से था. उस रात को इन सभी डॉक्टर्स और कर्मचारियों ने साथ में खाना खाया था.

इसके बाद महिला डॉक्टर रात को करीब दो बजे सोने के लिए अस्पताल के सेमिनार हॉल में चली गई. इसके बाद संजय रॉय पीछे के रास्ते से इस सेमिनार हॉल में आया और पहले उसने इस लड़की की निर्ममता से हत्या की और फिर उसका रेप किया. सबसे बड़ी बात ये है कि ये आरोपी ना तो अस्पताल के स्टाफ से था, ना ही किसी मरीज का कोई रिश्तेदार था. वो कोलकाता पुलिस के लिए सिविक वांलटियर का काम करता था.

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इस मेडिकल कॉलेज में जब कोई पुलिसकर्मी भर्ती होता, तो वो उसकी दवाइयां लाने के लिए और उसकी दूसरी मदद के लिए सहायक के तौर पर मौजूद रहता था. लेकिन जिस दिन ये घटना हुई, उस दिन आरोपी किसी काम से अस्पताल नहीं आया था. उस दिन ये अस्पताल के पीछे वाले हिस्से में शराब पीने के लिए आया और इसने शराब पीने के बाद अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखे थे. फिर वारदात को अंजाम दिया.

इसके बाद सुबह करीब 4.45 बजे उसे सेमिनार हॉल से बाहर निकले हुए देखा गया. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी. पुलिस को ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि आरोपी ने घटनास्थल से खून के धब्बे धोने की कोशिश की थी. वापस घर जाने के बाद उसने अपने कपड़े भी धोए थे. आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64 (बलात्कार) और 103 (हत्या) के तहत केस दर्ज है. 

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