251 रुपये में स्मार्टफोन बेचने वाला Mohit Goyal फिर गिरफ्तार, रेप पीड़िता को धमकाने का आरोप

251 रुपये में स्मार्टफोन बेचने की स्कीम लाकर सुर्खियों में आए मोहित गोयल को एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया है. इस बार उस पर रेप पीड़िता को धमकाने का आरोप लगा है.

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मोहित गोयल ने 2016 में 251 रुपये में स्मार्टफोन लॉन्च किया था. (फाइल फोटो) मोहित गोयल ने 2016 में 251 रुपये में स्मार्टफोन लॉन्च किया था. (फाइल फोटो)

तनसीम हैदर / हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 10:29 AM IST
  • मोहित गोयल नोएडा से गिरफ्तार
  • गोयल पर धोखाधड़ी के 48 केस
  • गोयल समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

पांच साल पहले 251 रुपये में स्मार्टफोन देने की स्कीम लाकर सुर्खियों में आए मोहित गोयल को पुलिस ने एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है. इस बार मोहित पर रेप पीड़िता को धमकाने का आरोप लगा है. मोहित गोयल के अलावा दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, इन तीनों पर रेप पीड़िता को एक साल तक धमकाने का आरोप है. मोहित के अलावा जिन दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें सुमित यादव और विनीत कुमार शामिल है.

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Freedom 251 था फोन का नाम

पुलिस के मुताबिक, शामली के रहने वाले मोहित गोयल ने रिंगिंग बेल्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी शुरू की थी और केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत मात्र 251 रुपये में स्मार्टफोन लॉन्च करने की घोषणा की थी. इन फोन का नाम Freedom 251 रखा गया था. पुलिस के मुताबिक, गोयल पर धोखाधड़ी से जुड़े 48 केस दर्ज हैं. उसे गिरफ्तार भी किया गया था और वो फिलहाल जमानत पर था.पुलिस ने बताया कि ये तीनों आरोपी रेप के आरोपी से बदला लेना चाहते थे, इसलिए इन्होंने रेप पीड़ितों को रेपिस्ट बनकर धमकाया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पिछले साल ही ये मामला दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपा गया था.

क्या है मामला?

ये मामला अगस्त 2020 का है. उस वक्त रेप पीड़िता ने द्वारिका पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी उसे धमका रहा है. पीड़िता की शिकायत पर विकास मित्तल नाम के आरोपी को पिछले साल ही आईजीआई एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन उसके बाद भी पीड़िता को धमकी दी जा रही थीं. 

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सितंबर 2020 के महीने में पीड़िता जब सिविल लाइंस मेट्रो के पास थी तभी उसे एक शख्स ने पकड़ लिया और उसे केस वापस लेने के लिए धमकी दी. पीड़िता के मुताबिक वह शक्स वही था जो फोन पर उसे धमकी देता था. इस मामले में सिविल लाइन थाने में भी गवाह को धमकी देने के आरोप में एक केस दर्ज किया गया था. मामले में सुमित यादव नाम का एक गवाह भी मौजूद था.

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस केस को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था और पुलिस को आरोपियों को पकड़ने का निर्देश दिया था. धमकी भरे कॉल से क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की पहचान तो कर ली, लेकिन आरोपी बार-बार अपनी लोकेशंस बदल रहे थे, जिससे उन्हें गिरफ्तार करना मुश्किल हो रहा था.

पुलिस के मुताबिक, सबसे पहले गुरुग्राम से विनीत कुमार पकड़ा गया. उसने पीड़िता को धमकाने की बात कबूली और मोहित गोयल और सुमित यादव का नाम लिया. इस आधार पर गोयल को नोएडा से और यादव को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है.

पूछताछ में पता चला कि गोयल आरोपी विकास मित्तल का साला है और उसका उसके साथ कारोबार को लेकर कुछ विवाद था. इसी का बदला लेने के लिए गोयल ने मित्तल के नाम से रेप पीड़िता को धमकाया. पुलिस ने बताया, 'गोयल ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसे अपनी पिछली गिरफ्तारी के पीछे मित्तल का हाथ होने का शक था. इसका बदला लेने के लिए उसने ये योजना बनाई. इसके लिए उसने विनीत कुमार और सुमित यादव की मदद ली.'

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