दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता, उत्तराखंड के कोटद्वार में नकली रेमडेसिविर बनाने की कंपनी का भंडाफोड़

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में रेमडेसिविर की डिमांड को देखते हुए दवा माफिया सक्रिय हो गए हैं. लोगों की जिदंगी से खिलवाड़ करते हुए इन दवा माफियाओं के द्वारा नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन तैयार किया जा रहा था. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले को खुलासा किया है. 

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नकली रेमडेसिविर बनाने वाली कंपनी नकली रेमडेसिविर बनाने वाली कंपनी

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST
  • पुलिस ने सात आरोपी किए गिरफ्तार 
  • अब तक 2 हजार को बेच चुके हैं इंजेक्शन 
  • 25 हजार में बेच रहे थे नकली रेमडेसिविर 

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तराखंड के कोटद्वार में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाली दवा कंपनी का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए यहां से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है. इनके पास से 196 रेमडेसिविर के नकली इंजेक्शन भी बरामद किए गए हैं. 

नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की मार्केट में सप्लाई हो रही थी. इस मामले का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर द्वारा गठित की गई स्पेशल टीम ने उत्तराखंड के कोटद्वार में दवा फैक्ट्री पर छापा मारा. यहां से पुलिस टीम ने 196 नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए, इसके साथ ही सात आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है.  

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पुलिस ने बताया कि ये लोग नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन 25 हजार रुपये में बेचते थे. पुलिस ने यहां से इंजेक्शन पैक करने के लिए काम आने वाले 3000 वायल्स भी बरामद किए हैं. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया, कि अब तक दो हजार से अधिक लोगों को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच चुके हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से ये जानकारी लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उनके साथ और कौन शामिल है और अभी तक इनके द्वारा कहां कहां इंजेक्शन बेचे गए हैं. 

बता दें कि कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की बेहद अधिक डिमांड है, जिसके चलते इसकी कालाबाजारी हो रही है. लोग किसी भी कीमत पर इस इंजेक्शन को खरीदने के लिए तैयार हैं, यही कारण है कि इस इंजेक्शन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए दवा माफिया हावी हो गए हैं. वहीं पुलिस भी इनके खिलाफ सख्त कदम उठा रही है.

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