दिल्ली में बहादुरी की मिसाल बनी तनिष्का, मोबाइल स्नैचर को दौड़ाकर पकड़ा, पुलिस ने ऐसे किया सम्मान

दिल्ली में 26 वर्षीय तनिष्का ने झपटमारों को दौड़ाकर पकड़ा और फिर पुलिस के हवाले कर दिया. अब उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए दिल्ली पुलिस ने तनिष्का को सम्मानित किया है. उनकी कहानी कई लोगों के लिए मिसाल बन गई है. जानिए तनिष्का की पूरी कहानी.

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हर कोई तनिष्का के जज्बे को सलाम कर रहा है (फोटो-ITG) हर कोई तनिष्का के जज्बे को सलाम कर रहा है (फोटो-ITG)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

दिल्ली की सड़कों पर अक्सर झपटमारी की खबरें सामने आती हैं, लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग है. यह कहानी है 26 साल की तनिष्का की, जिसने डरने के बजाय हिम्मत दिखाई और अपराधियों को सबक सिखाया. दक्षिण दिल्ली के अंबेडकर नगर की रहने वाली तनिष्का ने एक ऐसी मिसाल पेश की, जो हर किसी को प्रेरित करती है.

यह सिर्फ एक मोबाइल स्नैचिंग की घटना नहीं थी, बल्कि साहस, समझदारी और पुलिस के साथ सहयोग की एक मिसाल है. इस घटना ने यह साबित कर दिया कि अगर आम नागरिक जागरूक और निडर हो, तो अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकते हैं. तनिष्का की बहादुरी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन चुकी है.

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19 मार्च की दोपहर करीब 3 बजे, तनिष्का कालकाजी मंदिर की ओर जा रही थीं. वह बीआरटी रोड से गुजर रही थीं, तभी अचानक स्कूटर सवार दो लड़कों ने उनका मोबाइल झपट लिया. यह हमला इतना अचानक था कि कोई भी घबरा सकता था, लेकिन तनिष्का ने घबराने के बजाय तुरंत एक्शन लिया. उन्होंने बिना समय गंवाए ई-रिक्शा लिया और उन झपटमारों का पीछा करना शुरू कर दिया. सड़क पर मौजूद लोग भी इस घटना को देख हैरान रह गए. तनिष्का का साहस और तुरंत फैसला लेने की क्षमता यहीं से साफ नजर आ रही थी.

तनिष्का ने सिर्फ पीछा ही नहीं किया, बल्कि रास्ते में लोगों से मदद भी मांगी. राहगीरों ने भी उनका साथ दिया और मिलकर उन झपटमारों को घेर लिया. आखिरकार दोनों आरोपी पकड़े गए और तनिष्का ने अपना मोबाइल भी वापस हासिल कर लिया. इसके बाद उन्होंने बड़ी समझदारी दिखाते हुए आरोपियों को मौके पर ही रोके रखा और पुलिस के आने का इंतजार किया. यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, जहां एक आम लड़की ने असाधारण साहस दिखाया.

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सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इस कार्रवाई ने यह दिखाया कि पुलिस और आम जनता अगर साथ मिलकर काम करें, तो अपराधियों के लिए बचना मुश्किल हो जाता है. तनिष्का का सहयोग पुलिस के लिए भी काफी अहम साबित हुआ. 

23 मार्च 2026 को दक्षिण जिला के डीसीपी ने एक विशेष समारोह में तनिष्का को सम्मानित किया. इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. तनिष्का की बहादुरी, तेज सोच और पुलिस की मदद करने की भावना को सराहा गया. यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हर उस नागरिक के लिए प्रेरणा है, जो अपराध के खिलाफ खड़ा होना चाहता है. 

तनिष्का की यह कहानी खासतौर पर युवतियों के लिए एक संदेश है कि वे निडर बनें और गलत के खिलाफ आवाज उठाएं. दिल्ली पुलिस का यह कदम समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत पहल है.

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