भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम, BSF के जवान ने तस्कर को मार गिराया

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बांग्लादेशी तस्करों ने BSF जवान पर जानलेवा हमला कर दिया. जवाब में जवान ने संयम बरतते हुए सेल्फ-डिफेंस में गोली चलाई और तस्करी की बड़ी कोशिश नाकाम कर दी. इस कार्रवाई में एक तस्कर मारा गया है.

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पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई. (Photo: ITG) पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई. (Photo: ITG)

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 30 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब गुरुवार शाम 32 बटालियन के BOP मटियारी इलाके में तस्करी रोकने गई BSF पार्टी पर बांग्लादेशी तस्करों ने घात लगाकर हमला कर दिया. प्लास्टिक के बंडलों के जरिए हजारों रुपए की अवैध तस्करी चल रही थी. सीमा के दोनों ओर से तस्कर एक 'क्विक ट्रांसफर ऑपरेशन' में लगे थे. 

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जानकारी के मुताबिक, ये घटना 29 नवंबर को शाम करीब 15:55 बजे की है. गश्त कर रहे BSF जवान ने देखा कि 6-7 तस्कर सीमा के पास प्लास्टिक के बंडल पहुंचा रहे हैं. जवान ने तुरंत रुकने का आदेश दिया और चेतावनी के तौर पर एक ब्लैंक राउंड फायर किया. लेकिन तस्करों चेतावनी को अनसुना कर दिया. इसके बाद जवान तस्करों को रोकने के इरादे से आगे बढ़ा. 

तभी उसने देखा कि बांग्लादेशी तस्कर डाह जैसे धारदार हथियार लेकर उसकी तरफ बढ़ रहे हैं. जवान ने तुरंत अपनी ब्लैंक-राउंड मैगजीन निकालकर असली मैगजीन लोड कर ली. इसी बीच एक तस्कर ने धारदार हथियार से उस पर वार किया, जो सीधे राइफल के हैंडगार्ड पर लगा. दबाव इतना तेज था कि जवान का संतुलन बिगड़ गया और उसी अफरा-तफरी में राइफल का ट्रिगर दब गया. 

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गोली सीधा एक बांग्लादेशी तस्कर को लगी, जो मौके पर ही ढेर हो गया. अपने साथी को जमीन पर गिरते देखकर बाकी बांग्लादेशी तस्कर घबरा गए. वे पीछे हटते हुए घायल साथी को 50-60 मीटर तक घसीटते चले गए, लेकिन शव ले जाने में सफल नहीं हो पाए. जाने से पहले उन्होंने पैसों का एक बंडल पानी में डुबो दिया. इसे बाद में BSF ने बरामद करके अपने कब्जे में ले लिया.

इस घटना के बाद BSF ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. तलाशी में एक कटर, चार धारदार हथियार, 96 बोतलें फेंसेडिल कफ सिरप और दो बोतलें विदेशी शराब बरामद हुईं. यह वही सामान था, जिसे इंडो-बांग्लादेश बॉर्डर पर अक्सर रात की तस्करी के नाम पर एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाया जाता है. मृतक का शव और बरामद सामान कृष्णगंज पुलिस को सौंप दिया गया है. 

BSF साउथ बंगाल फ्रंटियर के अनुसार, बॉर्डर पर तैनात जवान चौबीसों घंटे सतर्क रहते हैं. तस्करी रोकने में किसी भी हद तक जोखिम उठाते हैं. BGB के सामने कई बार यह मुद्दा उठाया गया है कि बांग्लादेश की तरफ से होने वाली घुसपैठ और हमले लगातार बढ़ रहे हैं. कार्रवाई में ढिलाई होने से इन क्रिमिनल गैंग्स का मनोबल और बढ़ रहा है. BSF भारत की सीमा को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

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